देर रात नाकों का निरीक्षण और जवानों से बातचीत करते एसएसपी लांबा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट के आर्मी कैंप गेट पर ग्रेनेड हमले और खुफिया एजेंसियों से लगातार मिल रहे इनपुट के बाद पठानकोट में रविवार रात हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पाकिस्तान, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल से सटे होने के चलते पठानकोट की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए शहर में 500 अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इनमें 100 कमांडो जवान भी शामिल हैं, जिन्हें पठानकोट जिले के संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।
जम्मू-कश्मीर और पंजाब को जोड़ने वाले अंतरराज्यीय नाके माधोपुर और हिमाचल सीमा स्थित चक्की पुल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। हर वाहन को जांच के बाद पंजाब आने दिया जा रहा है। वहीं, एसएसपी सुरिंदर लांबा रोजाना रात एक से 4 बजे तक संवेदनशील नाकों समेत गश्त पार्टियों का निरीक्षण कर रहे हैं।
रविवार रात एसएसपी लांबा ने सीमावर्ती कस्बा बमियाल, जम्मू-कश्मीर और पंजाब की सीमा स्थित माधोपुर में जाकर नाकों को चेक किया और संतुष्टि जताई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पठानकोट जैसे सुरक्षित शहर में ग्रेनेड हमले जैसी वारदात दोबारा न हो इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
जिले में 1800 जवान तैनात, नाकों पर बढ़ाई नफरी
पठानकोट में 1300 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात हैं। अब जिले की सुरक्षा के लिए फिल्लौर, बहादुरगढ़ और बठिंडा से 500 जवान बुलाए गए हैं। पठानकोट जिले में तैनात 1300 अधिकारियों/जवानों में करीब 700 अधिकारी/कर्मचारी मैदान में हैं, जबकि 600 थानों या कार्यालयों में तैनात हैं। अब फील्ड में अधिकारियों/जवानों की संख्या 1200 हो चुकी है।
पठानकोट हमले में आईएसआईएस कश्मीर की भूमिका की जांच शुरू
आईएसआईएस कश्मीर द्वारा पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर को भेजी गई ई-मेल पर एसएसपी पठानकोट सुरिंदर लांबा ने कहा कि पठानकोट के आर्मी कैंप गेट पर ग्रेनेड हमले में आईएसआईएस कश्मीर की भूमिका की जांच की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि जिले के सभी संवेदनशील स्थानों पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई है। पुलिस अपना काम कर रही है। पठानकोट के लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जवान पूरी मुस्तैदी से डटे हैं। पठानकोट में दोबारा ऐसी घटना न हो इसलिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।