मोदी लहर के आगे किसी की न चली। पंचकूला में 18 उम्मीदवारों में से 16 जबकि कालका में 13 में से 11 की जमानत जब्त हो गई। पंचकूला में तो दो बार विधायक रहे डीके बंसल तक अपनी जमानत नहीं बचा पाए।
चुनाव आयोग के मुताबिक यदि किसी प्रत्याशी को कुल वोट का छठा हिस्सा नहीं मिलता तो उम्मीदवार की नामांकन के दौरान जमा की गई राशि जब्त कर ली जाएगी। यह राशि प्रत्याशी की जमानत के तौर पर जमा करवाई जाती है।
कुल वोट का छठा हिस्सा न मिलने पर जमानत जब्त हो जाती है। नए नियम के तहत कुल डाले वोट से नोटा के वोट को घटाना होगा और फिर उसका छठा हिस्सा निकालना होगा।
सिर्फ इनेलो उम्मीदवार बचा सके जमानत :
विधानसभा में कुल 128778 वोट डाले गए। इनमें नोटा के 1073 वोट कम करने पर कुल वोट 127705 आते हैं। इस संख्या को छह से डिवाइड करने पर वोटों की संख्या 21284 आती है। इस संख्या से जिन लोगों के वोट नीचे आए होंगे, उनकी जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।
इस तरह पंचकूला विधानसभा के कुल 16 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। इनमें प्रमुख तौर निवर्तमान कांग्रेस विधायक डीके बंसल (15564), निर्दलीय उम्मीदवार विनोद बगई (7545), हजकां उम्मीदवार रविंदर रावल (3778), बसपा प्रत्याशी विश्व दीपक शर्मा (1363), निर्दलीय उम्मीदवार हरिंदर सैनी (834) सहित अन्य उम्मीदवार शामिल हैं। सिर्फ इनेलो उम्मीदवार कुलभूषण गोयल अपनी जमानत बचा पाए। उन्हें 25314 वोट मिले थे।
मनवीर व विजय बंसल की जमानत जब्त :
कालका विधानसभा में कुल वोट 124563 वोट डाले गए। इसमें नोटा के 888 वोट कम करने और उसका छठा हिस्सा निकालने पर 20612 वोट आता है। जमानत बचाने के लिए कम से कम हारे प्रत्याशी को 20612 वोट मिलने चाहिए थे। इस हिसाब से कांग्रेस प्रत्याशी मनवीर कौर गिल (19139), बसपा प्रत्याशी सतविंदर सिंह राणा (9817), हजपा प्रत्याशी शक्ति रानी शर्मा (7661), निर्दलीय प्रत्याशी सुदेश शर्मा (2435), निर्दलीय प्रत्याशी अजैब सिंह (1301), निर्दलीय विजय बंसल (807) सहित 11 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। सिर्फ प्रदीप चौधरी ही जमानत बचाने में कामयाब रहे हैं।