गृह सचिव एसएस प्रसाद ने पुलिस कप्तान बीएस संधू और अन्य अधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें कर राम रहीम को जेल में ही मौजूद रहकर दोषी ठहराने और सजा सुनाने का तोड़ निकाल डाला। प्रसाद ने इसमें एडवोकेट जरनल बलदेव राज महाजन के कानूनी अनुभव की भी मदद ली और राम रहीम को न तो व्यक्तिगत तौर पर दोषी करार देने व न ही सजा सुनाए जाने के दिन सीबीआई कोर्ट में पेश होने दिया।
इसके लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग को सरकार ने अपनी ढाल बनाया। सीएम मनोहर लाल ने राम रहीम के मामले में गृह और पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों की सटीक निर्णय लेने को लेकर पीठ थपथपाई है।
कम सजा के लिए अनुयायियों ने खूब की दुआएं
राम रहीम को वीरवार को पंचकूला की सीबीआई अदालत ने सजा सुनानी थी। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बेशक जेल में है, लेकिन उनके अनेक अनुयायी अब भी मौजूद हैं। राम रहीम को रामंचद्र छत्रपति हत्याकांड में कम से कम सजा हो, इसके लिए सरकारी कार्यालयों में मौजूद उनके अनुयायी शाम तक दुआएं करते रहे। इस दौरान अनेक अनुयायी मुंह में कुछ गुनगुनाते भी रहे।