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नीलाम होंगी सेक्टर-17 ओवरब्रिज के नीचे की 40 दुकानें

Tue, 17 Mar 2015 02:00 PM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सेक्टर-17 में ओवरब्रिज के नीचे बनी 40 दुकानों को नगर निगम नीलाम करेगा। यहां पहले नाइट फूड स्ट्रीट खोलने की योजना थी, लेकिन प्रशासन के आर्किटेक्ट विभाग ने इसे मंजूरी नहीं दी। विभागीय अधिकारियों ने इन दुकानों के डिजाइन को फूड स्ट्रीट के लिहाज से सही नहीं बताया।
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इसलिए नगर निगम ने वर्ष-2013 से ही खाली पड़ी इन दुकानों को अलग से अलॉट करने की पॉलिसी बनाई। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि इन दुकानों की नीलामी कब और कितने समय के लिए की जाएगी।

बूथों से होगी 30-40 करोड़ की कमाई
इस ओवरब्रिज का उद्घाटन साल 2013 में हुआ था और तत्कालीन मेयर सुभाष चावला के कार्यकाल में ही नाइट फूड स्ट्रीट के लिए प्रपोजल बना था।

यह प्रपोजल नामंजूर होने के बाद अब नगर निगम दुकानों को नीलाम करने जा रहा है। इससे 30 से 40 करोड़ रुपये की कमाई होने की उम्मीद है। हालांकि, ओवरब्रिज सहित दुकानों के निर्माण में महज 14 करोड़ रुपये का ही खर्च आया था।
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किराए पर देने की थी प्लानिंग  
नगर निगम ने इन दुकानों को किराए पर देने की प्लानिंग की थी, लेकिन इसे अधिकारियों ने खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि किराए पर दुकानें अलॉट करने का कोई फायदा नहीं है। एक ही बार में नीलाम करके निगम को करोड़ों का फायदा होगा तो किराए पर देने की क्या जरूरत है। इन दुकानों की नीलामी से सेक्टर-17 ए के एरिया में रौनक भी बढ़ जाएगी, जहां आजकल सन्नाटा पसरा रहता है।

अभी सिर्फ पीजीआई के सामने फूड स्ट्रीट
इस समय सिर्फ पीजीआई के सामने नाइट फूड स्ट्रीट चल रही है, लेकिन बारिश के दिनों भी यहां की हालत भी खस्ता हो जाती है। ग्राहकों के लिए बैठने की जो जगह है, उसके ऊपर छत की कोई व्यवस्था नहीं है। पार्किंग की जगह भी नाममात्र है।

ओवरब्रिज के नीचे बनी दुकानों को नीलाम किया जाएगा, लेकिन बाजार में मंदी के कारण अभी जल्दबाजी में प्रापर्टी  बेचना ठीक नहीं है।
- विवेक प्रताप सिंह, कमिश्नर, नगर निगम

मेयर रहते मैं चाहता था कि शहर की नाइट लाइफ बढ़े। इसलिए यहां नाइट फूड स्ट्रीट का प्रपोजल बनाया था, लेकिन प्रशासन के वास्तुकार विभाग ने इसके डिजाइन पर ऐतराज जताया है। ऐसे में अब इन दुकानों को अन्य कारोबार के लिए अलॉट किया जाएगा।
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- सुभाष चावला, वित्त एवं अनुबंध कमेटी के सदस्य
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