प्रशासन द्वारा शिफ्टिंग के आदेश जारी करने के बाद शनिवार को सेक्टर-15 में मंडी नहीं लगी। इस मंडी को सेक्टर-20 में शिफ्ट कर दिया गया है। शनिवार को सब्जी विक्रेता माल लेकर सेक्टर-15 की मंडी पहुंचे, लेकिन मार्केट कमेटी ने दुकानें नहीं लगाने दी। प्रशासनिक अफसर अपनी जिद पर अड़े रहे तो दुकानदार विरोध में।
प्रशासन ने सेक्टर-15 में मंडी नहीं लगाने दी तो दुकानदार सेक्टर-20 मंडी भी दुकान लगाने नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि सोमवार को डीसी से मिलकर शिफ्टिंग के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की जाएगी। इसके बावजूद अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो शहर में शुक्रवार तक कहीं भी मंडी नहीं लगाएंगे।
अगले शनिवार को सेक्टर-15 में मंडी लगाने की इजाजत मिलने के बाद ही अगला निर्णय लिया जाएगा। दुकानदारों ने रेहड़ी वालों से भी समर्थन की अपील की है।
दुकानदारों ने आम आदमी पार्टी के नेता हरिन्द्र सैनी से कहा कि सेक्टर-15 में मंडी नहीं लगने की वजह से 700 से अधिक परिवारों के लिए रोजी-रोटी की समस्या पैदा हो जाएगी। मंडी में सफाई व्यवस्था सुधारने के बदले मंडी बंद कराना नाइंसाफी है। इससे दुकानदारों को तो परेशानी होगी ही, हजारों आम लोगों के लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी।
हर शनिवार डेढ़ करोड़ की सेल
सेक्टर-15 में मंडी नहीं लगने से 700 से अधिक दुकानदारों और उनके परिवारों के लिए रोजी-रोटी की समस्या पैदा होने लगी है। मंडी में औसतन एक दुकानदार 20 हजार रुपये की सब्जियां या फलों की बिक्री करता है। इस हिसाब से हर शनिवार औसतन डेढ़ करोड़ की सेल होती थी।
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सेक्टर-20 में मंडी शिफ्ट होने से दुर्घटनाओं का ग्राफ भी बढ़ेगा। वहां जाने के लिए फ्लाईओवर के नीचे से आना-जाना होगा, जहां शाम तो क्या, दोपहर में भी जाम लगा रहता है। बुजुर्गों, महिलाओं के लिए वहां पहुंचना तो और मुश्किल होगा।
- हरिराम
सफाई के लिए उचित व्यवस्था की जा सकती है, लेकिन मंडी शिफ्ट किए जाने से 10 हजार से अधिक आम लोगों के साथ-साथ 700 दुकानदार परिवारों के लिए भी परेशानी बढ़ गई है। प्रशासन को इस मसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
- सतपाल
सेक्टर-15 में पिछले 20 वर्षों से अदरक की दुकान लगाती हूं। यहां मंडी बंद होने से तो मेरे लिए रोजी-रोटी की समस्या पैदा हो गई है। प्रशासन को दुकानदारों व आम लोगों के हितों को ध्यान में रखकर दोबारा विचार करना चाहिए।
- हनीफा
आम लोगों व मंडी के दुकानदारों के साथ सोमवार को जिला प्रशासन से मुलाकात की जाएगी और सेक्टर-15 की मंडी बंद करने का निर्णय वापस लेने की मांग की जाएगी। इसके बावजूद अगर प्रशासन ने निर्णय वापस नहीं लिया तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। हजारों आम लोगों और 700 दुकानदार परिवारों को परेशानी में डालना प्रशासन का गलत निर्णय है। सेक्टर-20 के एंट्री प्वाइंट पर फ्लाइओवर के नीचे हमेशा जाम लगा रहता है। मंडी शिफ्ट होने से यह और मुसीबत बन जाएगी।
- हरिंद्र सिंह सैनी, आम आदमी पार्टी के नेता एवं पूर्व पार्षद
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शनिवार को कोई सब्जी विक्रेता सेक्टर-20 नहीं पहुंचा, लेकिन सभी के हितों को ध्यान में रखते हुए ही प्रशासन ने यह फैसला लिया है। जहां तक सफाई व्यवस्था की बात है तो इसके लिए जरूरी है कि पॉलीथीन के इस्तेमाल पर सख्ती से पाबंदी लगे।
- जेके बंसल, सचिव, मार्केट कमेटी
सेक्टर-20 की मंडी बदहाल
प्रशासन ने सेक्टर-15 की मंडी को सेक्टर-20 में शिफ्ट करने के आदेश तो जारी कर दिए, लेकिन शनिवार को वहां की हालत कुछ और ही बयां कर रही थी। जिस शेड के नीचे दुकानदारों को दुकान लगाने के आदेश दिए गए थे, वहां रेत के ढेर लगे थे और गंदगी इतनी थी, जैसे महीनों से सफाई हुई ही नहीं हो।