साल 2009 में हुई थी किरनदीप की शादी
किरनदीप कौर और तीरथ सिंह की शादी वर्ष 2009 में हुई थी, जबकि तीरथ सिंह की पहली शादी 2006 में बलजिंदर कौर से हुई थी। वर्ष 2007 में पंचायत के माध्यम से उनका कथित रूप से तलाक हुआ, जिसकी कोई कानूनी मान्यता नहीं है। इसी आधार पर विभाग के कानूनी सलाहकार ने यह राय दी थी कि पंचायत के माध्यम से हुआ तलाक वैध नहीं माना जा सकता, इसलिए दूसरी शादी भी वैध नहीं मानी जाएगी। इसी सलाह के आधार पर किरनदीप कौर को अनुकंपा नियुक्ति देने से इंकार कर दिया गया।
कानूनी रूप से वैध नहीं थी दूसरी शादी
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भले ही दूसरी शादी कानूनी रूप से वैध नहीं मानी जाती हो, लेकिन यह निर्विवाद है कि किरनदीप कौर तीरथ सिंह के साथ लगातार कई वर्षों तक रहीं और सेवा रिकॉर्ड में उन्हें नामांकित किया गया था। इसके अतिरिक्त, पहली पत्नी बलजिंदर कौर ने भी शपथपत्र के माध्यम से यह घोषणा की है कि वह अनुकंपा नियुक्ति की कोई मांग नहीं करेंगी। इस प्रकार, हाईकोर्ट ने पीएसपीसीएल को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता को अनुकंपा नियुक्ति पर कार्यभार ग्रहण करने की अनुमति दे।
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