अवैध कॉलोनी काटने पर 10 साल कैद, 5 करोड़ तक जुर्माना
सीएम भगवंत मान ने सदन में कहा कि पंजाब में अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने के लिए जो संशोधन किए गए हैं, उनमें दो अहम बिंदुओं को शामिल किया गया है। 31 जुलाई 2024 के बाद प्रदेश में जो भी कॉलोनाइजर अवैध कॉलोनी तैयार करता है, उसे अब पांच से 10 साल की सजा और 25 लाख से पांच करोड़ रुपये तक जुर्माना देना होगा। अवैध कॉलोनी में जो भी प्लॉट या प्रॉपर्टी 31 जुलाई 2024 तक नहीं बिकी हैं या इन प्रॉपर्टी के खरीद सौदे नहीं हुए हैं, उन प्रॉपर्टी की रजिस्टरी नहीं होगी। बशर्ते कॉलोनाइजर इन अवैध कॉलोनी में बचे हुए प्लॉटों को रेगुलराइज करने के लिए सीएलयू और तमाम सरकारी फीस का भुगतान कर तय मानकों को पूरा नहीं करता है।
दो नवंबर तक करवा सकेंगे रजिस्ट्री
सीएम मान ने कहा कि प्रॉपर्टी में एनओसी की शर्त को खत्म करने के साथ ही अवैध कॉलोनियों की 500 वर्ग गज तक की उन सभी संपत्तियों की रजिस्टरी 2 नवंबर तक की जाएगी, जिनके खरीद सौदे 31 जुलाई 2024 तक हो चुके हैं। वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि 1995 में बने पापरा एक्ट का उद्देश्य अवैध कॉलोनियों को रोकना था, लेकिन कांग्रेस और अकाली-भाजपा की पिछली सरकारों की नाकामियों के कारण ये अवैध कॉलोनियां बड़े पैमाने पर फैल गईं। उन्होंने कहा कि इस फैसले से उन लोगों को राहत मिलेगी जो अपने प्लॉटों की रजिस्ट्री करवाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। इन प्लॉटों की रजिस्ट्री होने से राज्य को भी राजस्व प्राप्त होगा।
जंगी जागीर की वित्तीय सहायता 10 से 20 हजार रुपये की गई
पंजाब विधानसभा मानसून सत्र के दौरान द ईस्ट पंजाब वॉर अवॉर्ड संशोधन बिल पेश किया गया। बिल में जंगी जागीर की वित्तीय सहायता को 10 से 20 हजार रुपये प्रति वर्ष करने के निर्णय को सर्वसम्मति से पास किया गया। कैबिनेट मंत्री चेतन सिंह जोड़ामाजरा ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि 1941 में यह वित्तीय सहायता 100 रुपये, 1967 में 150 रुपये, 1981 में 300, 2004 में पांच हजार और 2013 में आर्थिक सहायता 10 हजार रुपये थी।