पुलिस टीमों ने जंगली इलाके में बसे लोगों के घरों में भी सर्च की। इस दौरान लोगों को हिदायत दी गई कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। डीएसपी ने कहा कि जंगली इलाका होने के चलते यहां कोई असामाजिक तत्व अपना ठिकाना बना सकता है। उन्होंने कहा कि अलर्ट के अलावा त्योहारी सीजन है, पुलिस लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। भविष्य में भी इस प्रकार के सर्च ऑपरेशन चलाए जाएंगे।
19 साल पहले आतंकियों ने चुना था डमटाल का एरिया
एक जनवरी 2001 को डमटाल की फायरिंग रेंज पर आंतकियों ने हमला कर दिया था। आतंकी डमटाल की पहाड़ियों से आए थे। हमला करने वाले आतंकियों को इस हमले से पहले जंगल से लकड़ी एकत्र करने वाली महिलाओं ने देख लिया था। इसके बाद पुलिस ने पहाड़ियों में सर्च अभियान चलाया लेकिन आतंकी पकड़ में नहीं आए। 2001 में नए साल की सुबह जब सेना के जवान फायरिंग प्रैक्टिस कर रहे थे आतंकियों ने उन पर हमला बोल दिया था।