चंडीगढ़ सेक्टर-17 में एसबीआई की बिल्डिंग के पीछे साइकिल ट्रैक पर मिले कटे पैरों का मामला अभी रहस्य बना हुआ है। बुधवार को दिनभर की मशक्कत के बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला। शरीर की तलाश के लिए पुलिस ने ड्रोन की भी मदद ली लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। हालांकि यह पूरी तरह साफ हो गया है कि युवती की हत्या के बाद पैरों को काटकर यहां फेंका गया था। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या और सुबूत मिटाने का केस दर्ज कर लिया है।
चंडीगढ़ पुलिस अब पैरों और लिफाफे में मिले भ्रूण का डीएनए कराने की तैयारी कर रही है। ताकि पता चल सके कि दोनों का आपस में कोई कनेक्शन तो नहीं है। बुधवार को जीएमएसएच 16 में पोस्टमार्टम से पता चला कि भ्रूण करीब आठ महीने का था। दूसरी ओर पुलिस की अलग-अलग टीमें शहर के थानों समेत मोहाली और पंचकूला में दर्ज गुमशुदा युवती की डिटेल खंगाल रही हैं।
वहीं पुलिस ने सेक्टर-17 एसबीआई बिल्डिंग के आसपास समेत अन्य जगहों पर ड्रोन से सर्च किया, लेकिन शरीर या कोई अन्य अंग नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि आसपास के सरकारी अस्पताल समेत अन्य कई अस्पतालों में डेड बॉडीज के रिकॉर्ड खंगाले गए हैं, लेकिन अभी तक वहां से भी कोई बॉडी मिसिंग होने की जानकारी नहीं है। पुलिस की जांच अब सीसीटीवी फुटेज पर टिकी है।
कटे पैर मिलने से फैल गई थी सनसनी
मंगलवार दोपहर सेक्टर 17 मध्यमार्ग स्थित एसबीआई की बिल्डिंग के पीछे साइकिल ट्रैक पर पेपर में लिपटे युवती के दो कटे हुए पैर मिले थे। पुलिस ने आसपास सर्च किया तो एक लिफाफे में बच्ची का भ्रूण भी मिला। पुलिस ने एसबीआई बैंक मैनेजर अजीत किशोरी की शिकायत पर केस दर्ज किया था।