बांध पर लगाया जाएगा चेतावनी सॉफ्टवेयर।
- फोटो : फाइल फोटो
अब बांधों के भरने से देश में बाढ़ का खतरा टल जाएगा। चार बड़े संस्थानों के वैज्ञानिकों ने मिलकर चेतावनी सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जो बांधों पर लगाया जाएगा। जैसे ही बांधों में पानी की अधिकता होगी, उपकरण बता देगा कि इतना पानी छोड़ा जाए। धीरे-धीरे पानी छोड़ा जाएगा तो ऐसे में बाढ़ नहीं आएगी। इस पर वैज्ञानिकों ने विस्तृत प्लान बनाया है, जो भारत सरकार को सौंपा जाएगा।
वैज्ञानिकों के मुताबिक दो साल पहले पंजाब के क्षेत्रों में बाढ़ आ गई थी। हजारों लोग व परिवार इससे प्रभावित हुए। भाखड़ा बांध से पानी काफी मात्रा में एक साथ छोड़ा गया था, जिससे लुधियाना क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आया था। वैज्ञानिकों का कहना है कि एक साथ पानी छोड़ने से ही बाढ़ आती है। अब तक चेतावनी उपकरण पानी के एक साथ एकत्र होने, छोड़ने संबंधी सटीक जानकारियां नहीं दे पा रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने यह प्रोजेक्ट शुरू किया।
इसका जिम्मा पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक), आईआईएससी बंगलूरू, सी-डेक पुणे व केंद्रीय जल आयोग को दिया गया। सबसे पहले ओडिशा, महाराष्ट्र की नदियों का वैज्ञानिकों ने दौरा किया। वैज्ञानिक अपने-अपने हिसाब से पूरा शोध कर रहे हैं।
सभी बांधों पर लगाया जा सकेगा सॉफ्टवेयर
पेक के कंप्यूटर विज्ञान के प्रो. राकेश भाटिया ने चेतावनी सॉफ्टवेयर तैयार किया है। मशीन लर्निंग सॉफ्टवेयर है, जिसमें डाटा फीड किया जाएगा। यह सॉफ्टवेयर किसी भी बांध पर आसानी से लगाया जा सकेगा। जैसे ही बांध में पानी आएगा तो यह बता देगा कि इतना क्यूसेक पानी छोड़ दिया जाए। उस समय बांध पर तैनात अधिकारी निर्णय ले सकेंगे कि नहर आदि में कितना पानी छोड़ा जाए और दूसरी जगहों पर कितना। उनका कहना है कि इससे बाढ़ से बचा जा सकेगा। यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। दो साल और इस पर काम होगा। सॉफ्टवेयर बनाने में सफलता मिल चुकी है। तेजी से इस पर काम चल रहा है।
इन राज्यों में आती है बाढ़
- बिहार
- केरल
- ओडिशा
- उत्तर प्रदेश
- असम
- छत्तीसगढ़
- मध्य प्रदेश
- आंध्रप्रदेश
- कर्नाटक
- गुजरात