फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ में आज से खुले स्कूल, सहमति पत्र दिखाओगे तो एंट्री मिलेगी, अधिकारी रखेंगे कड़ी नजर

Mon, 21 Sep 2020 01:05 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कोरोना के कहर के बीच अनलॉक के माध्यम से शहर को एक बार फिर पटरी पर लाने की कवायद की जा रही है। धीरे-धीरे सभी सुविधाएं बहाल की जा रही हैं। इसी कड़ी में सोमवार से 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी अपने माता-पिता से लिखित सहमति पत्र लेकर स्कूल जा सकेंगे। इसके अलावा शादी व अन्य समारोहों में भी 100 लोगों की अनुमति होगी।
विज्ञापन


केंद्र सरकार ने 21 सितंबर से अभिभावकों की मंजूरी के बाद स्कूलों को खोलने की इजाजत दी थी। यूटी शिक्षा विभाग ने गूगल फॉर्म के जरिए शहर के 90 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों के माता-पिता से उनकी सहमति के बारे में पूछा था। इस पर इन स्कूलों के 25000 विद्यार्थियों के अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने की इच्छा जताई थी। इसके बाद ही विभाग ने स्कूल खोलने का प्लान बनाया है।

बीते कुछ दिनों से शहर के विभिन्न सरकारी स्कूलों में सैनिटाइजेशन आदि का काम कराया जा रहा था। इसके अलावा सोमवार से कौशल विकास प्रशिक्षण संस्थानों, आईटीआई, कौशल विकास निगम या कौशल विकास मिशन में पंजीकृत अल्पकालिक प्रशिक्षण केंद्रों में कौशल या व्यावसायिक प्रशिक्षण की अनुमति होगी। पीएचडी छात्र भी अनुमति लेकर प्रयोगशालाओं का उपयोग कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्कूलों में सब कुछ बदला-बदला होगा

स्कूल के गेट पर सभी बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। शरीर का तापमान सामान्य होने और बच्चों के पास परिजनों द्वारा साइन किया गया सहमति पत्र देखने के बाद ही उन्हें स्कूल में प्रवेश करने दिया जाएगा। इस पत्र में परिजनों की तरफ से बच्चों को स्कूल भेजने की सहमति होनी चाहिए। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। प्रत्येक कक्षा में 10 बेंच होंगे।

बच्चों को घर से ही पानी और खाना लाना होगा। प्रत्येक शौचालय के बाहर कर्मचारी को बैठाया जाएगा, जो शौचालय जाने से पहले और बाद में बच्चों के हाथ को सैनिटाइज करेगा। इसके अलावा वह विद्यार्थी या टीचर जो कंटेनमेंट जोन में रहते हैं, उन्हें स्कूल आने की अनुमति नहीं होगी। स्कूल में एक जगह पर बच्चों को इकट्ठा नहीं किया जा सकेगा।

स्कूलों पर नजर रखने के लिए लगाई गई अधिकारियों की ड्यूटी
सोमवार से स्कूलों के खुलने के बाद वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग व केंद्र सरकार के अन्य दिशा-निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। शिक्षा सचिव सरप्रीत सिंह गिल ने कलस्टर के अनुसार शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें 21 से लेकर 25 सितंबर तक अपने कलस्टर के स्कूलों में जाकर सुरक्षा मानकों की जांच करनी होगी।

इसके बाद 25 सितंबर को शाम 4 बजे से पहले अपनी रिपोर्ट भेजनी होगी। क्लस्टर नंबर दो और आठ की जिम्मेदारी स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) के डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र सिंह दहिया को सौंपी गई है। कलस्टर नंबर तीन और 10 की जिम्मेदारी एनएसएस के एसएलओ विक्रम राणा को दी गई है।

कलेक्टर नंबर 4, 6, 7 और 11 की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की डिप्टी डायरेक्टर अलका मेहता को, कलस्टर नंबर 12, 16 और 17 की जिम्मेदारी डॉ. मनजीत बराड़, कलस्टर नंबर 14, 18 और 20 की जिम्मेदारी अनीता शर्मा, कलस्टर नंबर 1, 13 और 19 की जिम्मेदारी सुनील बेदी और कलस्टर नंबर 5, 9 और 15 की जिम्मेदारी डिप्टी डीईओ रविंदर कौर को दी गई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें