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70 अवैध स्कूल होंगे बंद, सरकारी स्कूलों की तरफ दौड़े अभिभावक

Sun, 10 Apr 2016 10:21 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैंपस, एडमिशन - फोटो : फाइल फोटो
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शहर के प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में नया एकेडमिक सत्र शुरू हो चुका है। प्राइवेट स्कूलों में दाखिले का दौर खत्म हो चुका है। अभिभावक अब सरकारी स्कूलों में नौनिहालों को दाखिले के लिए दौड़ लगा रहे हैं।  
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प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों की तरह ही सरकारी स्कूलों में दाखिले को लेकर जबर्दस्त मारामारी है। शिक्षा विभाग द्वारा राइट टू एजुकेशन (आरटीई) नियमों के तहत सिर्फ एक किलोमीटर के दायरे के बच्चों को दाखिले के नियम ने अभिभावकों की टेंशन बढ़ा दी है।   उधर, शिक्षा विभाग ने शहर में अवैध तरीके से चल रहे 70 स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं। इस कारण अभिभावक अब सरकारी स्कूलों की तरफ भाग रहे हैं। इन स्कूलों में करीब 17 हजार बच्चे कई वर्षों से पढ़ रहे थे।
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एक सेक्शन में 40 का नियम दाखिले 70 को 
शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों को सरर्कुलर जारी कर पहले से पांचवी तक प्रत्येक सेक्शन में अधिकतम 40, छठी से आठवीं तक 45 स्टूडेंट्स को दाखिला देने के आदेश दिए हैं। लेकिन अधिकतर स्कूलों में 65 से 70 स्टूडेंट एक सेक्शन में पढ़ रहे हैं। कई स्कूलों में बच्चों को बैठाने के लिए बैंच तक पर्याप्त नहीं हैं।
अधिकारियों की सिफारिशें
सरकारी स्कूलों में दाखिले को लेकर प्रिंसिपल के पास काफी सिफारिशें आ रही हैं। जानकारी अनुसार एक तरफ विभाग सर्कुलर को फॉलो करने के आदेश दे रहा है, दूसरी तरफ जिला शिक्षा अधिकारी (डीईई), डिप्टी डायरेक्टर स्कूल और नगर निगम के पार्षद भी सिफारिशों के लेटर भेज रहे हैं।   उधर, शिक्षा विभाग ने चंडीगढ़ के साथ लगते नया गांव, मुल्लांपुर के बच्चों को चंडीगढ़ के स्कूलों में दाखिला नहीं देने को कहा है।
12 अप्रैल को होगा टेस्ट 
पहली से आठवीं तक शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले के लिए कोई एंट्रेंस टेस्ट नहीं लेता। लेकिन 9वीं क्लास के लिए इस बार एंट्रेंस टेस्ट लेने का फैसला लिया है।   9वीं में भी दाखिले को जबर्दस्त मारमारी है। कई स्कूलों में 2 से 3 सीटों के लिए 50 से 60 स्टूडेंट्स ने आवेदन किया है। सभी सरकारी स्कूलों में 9वीं में दाखिले के लिए 12 अप्रैल को एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया जाएगा।
इन स्कूलों में सबसे अधिक मारामारी 
शहर के सेक्टरों में दाखिले को लेकर सबसे अधिक मारामारी है। अभिभावक  सेक्टर-16, 35, 37, 40, 21, 33 और मनीमाजरा मॉर्डन कांप्लेक्स में दाखिले के लिए भागदौड़ कर रहे हैं।   शहर की कॉलोनी के आसपास के सरकारी स्कूलों में भी दाखिले के लिए भीड़ लगी है। कालोनी के अभिभावक भी बच्चों को सेक्टर के स्कूलों में दाखिले को तव्वजो दे रहे हैं। 

कोट
महंगाई आसमान पर है। चंडीगढ़ में साधारण परिवार के लिए दो बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना काफी मुश्किल है। सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं तक निशुल्क पढ़ाई, किताबें और ड्रेस भी मुफ्त दी जाती हैं। शहर के सरकारी स्कूलों का स्टाफ काफी अच्छा होने के कारण दाखिले के लिए मारामारी बढ़ गई है। 
-स्वर्ण सिंह कंबोज, प्रेसिडेंट यूटी कैडर एजुकेशनल इंपलाइज यूनियन चंडीगढ़।

शिक्षा विभाग शहर के प्रत्येक स्टूडेंट को सरकारी स्कूल में दाखिला देगा। स्कूलों में क्लासरूम की कमी होने के कारण सेक्शन में बच्चों की संख्या अधिक है। जुलाई तक चार नए स्कूलों का विस्तार किया जाएगा। बच्चों को पढ़ाने के लिए करीब 300 शिक्षकों की भर्ती भी करने की योजना बनाई जा रही है। 
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-रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़
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