चंडीगढ़ प्रशासन ने 11 सितंबर को पीएम की रैली के दिन स्कूलों में छुट्टी और श्मशान घाट बंद करने के संबंध में मांगे स्पष्टीकरण का जवाब गृह मंत्रालय को भेजा है। प्रशासन के अधिकारियों ने भी इस बात की पुष्टि की है।
जानकारी के अनुसार गृह मंत्रालय को भेजी गई चिट्ठी में किसी एक अधिकारी को स्कूलों में छुट्टी तय करने और श्मशान घाट बंद करने के लिए दोषी नहीं ठहराया गया है। चिट्ठी में प्रशासन के सभी अधिकारियों की मीटिंग में एक मत से यह फैसला लिए जाने की बात कही गई है।
प्रशासन ने जवाब देने के लिए की पूरी तैयारी
प्रशासन ने गृह मंत्रालय को भेजे जवाब से पहले पूरी तैयारी की। अधिकारियों ने हर पहलू को तथ्यों के साथ जोड़ने की कोशिश की है। रिपोर्ट तैयार करने के बाद प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी से भी सहमति ली गई। सूत्रों के अनुसार जवाब के साथ प्रशासन ने प्रशासनिक अधिकारियों के जवाब, स्कूल प्रबंधकों और अभिभावकों की ओर से अधिकारियों को भेजे एसएमएस, पीएम दौरे पर ट्रैफिक रूट का रिकॉर्ड सहित कई अन्य पहलुओं की विस्तार से रिपोर्ट तैयार कर भेजी है।
वीवीआईपी दौरों के लिए बनेगी रणनीति
पीएम मोदी के दौरे के दिन शहर के सभी स्कूलों में छुट्टी का फैसला प्रशासन पर उलटा पड़ गया। पूरे मामले में पीएम ने चंडीगढ़ शहर के लोगों से असुविधा के लिए माफी मांगी थी। सेक्टर-25 में रैली ग्राउंड के पास ही श्मशान घाट भी बंद करना पड़ा था।
प्रशासन भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए वीवीआईपी दौरों के लिए नए सिरे से रणनीति तैयार करेगा। मामले के बाद गृह मंत्रालय भी यूटी को इस तरह के कार्यक्रम के लिए नई एडवाइजरी भेज सकता है।
अधिकारियों ने साधी चुप्पी
शुक्रवार को पीएम दौरे के बाद सोमवार को यूटी सचिवालय में सभी अधिकारी पहुंचे। लेकिन किसी भी अधिकारी ने मोदी मामले पर कोई भी कमेंट करने से सीधे तौर पर मना कर दिया। प्रशासन की ओर से मामले में डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन (डीपीआर) को भी कमेंट करने से मना किया है।
प्रो. सोलंकी दिल्ली में रखेंगे बात
इस प्रकरण के बाद पूरे मामले को संभालने के लिए यूटी के प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी की भूमिका अहम हो गई है। सूत्रों के अनुसार सोलंकी ने इस बारे में गृह मंत्रालय के उच्च अधिकारियों से भी बात की है। यूटी प्रशासन की ओर से जवाब देने के बाद अब प्रो. सोलंकी खुद दिल्ली में इसी हफ्ते जाएंगे।
मामला पीएमओ से जुड़ा है। अभी कुछ नहीं कह सकता। जल्द ही प्रशासन पूरे तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखेगा। स्कूलों की छुट्टी सिर्फ पब्लिक की परेशानी और सेफ्टी को ध्यान में रखकर की गई थी।
-विजय कुमार देव, एडवाइजर यूटी