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Amritsar: श्री हरमंदिर साहिब के लंगर की सूखी रोटियों की बिक्री में एक करोड़ का घोटाला, वसूली जाएगी गबन की राशि

Sat, 01 Jul 2023 01:00 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

एसजीपीसी के अध्यक्ष के निजी सहायक सतबीर सिंह ने कहा कि इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी जिम्मेदारी पूरा करने में विफल रहा, वह हर्जाना देने के लिए उत्तरदायी है। संबंधित व्यक्ति से राशि वसूली जाएगी।
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एसजीपीसी - फोटो : फाइल
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विस्तार
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श्री हरमंदिर साहिब के लंगर में अप्रैल, 2019 से दिसंबर 2022 तक सूखी व जूठी रोटियों की नीलामी व बिक्री में एक करोड़ से भी अधिक का घोटाला सामने आया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) का फ्लाइंग स्क्वायड इसकी जांच कर रहा है। विंग ने जब जांच शुरू की थी तो लंगर की सूखी व जूठी रोटियों, चोकर, रोला माह (सफाई के बाद बची सामग्री) और धान आदि की बिक्री व नीलामी में 62 लाख की गड़बड़ी सामने आई थी लेकिन अब यह घोटाला एक करोड़ तक पहुंच गया है।

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इस हेराफेरी के लिए करीब डेढ़ दर्जन मैनेजर, स्टोरकीपर, सुपरवाइजर और इंस्पेक्टर आदि को दोषी ठहराया गया है। श्री हरमंदिर साहिब के प्रबंधक समेत तीन सेवानिवृत्त प्रबंधकों के नाम भी सामने आए हैं। फ्लाइंग स्क्वायड ने इस मामले में दोषी पाए गए अलग-अलग अधिकारियों से गबन की राशि वसूलने को कहा है।

विंग ने दो स्टोरकीपर निलंबित कर दिए हैं और उनसे रिकवरी का आदेश दिया है। वहीं, दोनों की ओर से राशि जमा न करवाने पर एसजीपीसी ने हेराफेरी संबंधी वाउचरों पर हस्ताक्षर करने वाले सभी प्रबंधकों को बकाया राशि जमा करवाने का आदेश दिया है। पहले तो केवल दो स्टोरकीपर को ही जिम्मेदार ठहराया गया लेकिन धीरे-धीरे और भी नाम सामने आए। मैनेजर समेत कुछ कर्मचारी खुद को निर्दोष बताते हुए बकाया राशि जमा करने से इन्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जुर्माना वही लोग भरेंगे, जिन्होंने हेराफेरी की है।

ऐसे हुआ घोटाला

लंगर से रोजाना बड़ी मात्रा में सूखी रोटियां बच जाती हैं, जिन्हें एक जगह स्टोर कर लिया जाता है। इसके अलावा आटे का चोकर, दाल व चावल के बारीक टुकड़ों को भी इकट्ठा किया जाता है। इनकी बिक्री के लिए टेंडर बुलाया जाता है। यह सामग्री आगे फीड आदि बनाने में इस्तेमाल होती है। अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलीभगत कर तय शर्तों को नजरअंदाज कर टेंडर दिए और रिकॉर्ड में हेराफेरी कर टेंडर की रकम ज्यादा बताकर बाकी राशि हड़प ली।

जो भी जिम्मेदार होगा, उससे राशि वसूलेंगे: एसजीपीसी

एसजीपीसी के अध्यक्ष के निजी सहायक सतबीर सिंह ने कहा कि इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी जिम्मेदारी पूरा करने में विफल रहा, वह हर्जाना देने के लिए उत्तरदायी है। संबंधित व्यक्ति से राशि वसूली जाएगी। लगातार राशि वसूली भी जा रही है। अभी जांच चल रही है।

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