हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम एवं हजकां के वरिष्ठ नेता चंद्रमोहन ने प्रदेश के बिजली निगमों में चार हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है।
उन्होंने आरटीआई के जरिए इस घोटाले के उजागर होने का दावा करते हुए कहा कि वर्ष 2006 से 2011 के बीच बिजली निगमों में 25 केवी और 16 केवी के ट्रांसफार्मर खरीद में घोटाला हुआ। जो ट्रांसफार्मर मार्केट में 42 हजार रुपये के थे, उन्हें 65 से 70 हजार रुपये में खरीदा गया।
इसके अलावा पिलर बाक्स की स्कीम में भी हेराफेरी की गई है। पहले पंचकूला में प्लास्टिक के मीटर बाक्स बदलकर लोहे के इंस्टाल किए गए और अब फिर से 12 करोड़ रुपये के प्लास्टिक बाक्स खरीदे गए हैं।
चंद्रमोहन ने बुधवार को अपने आवास पर पत्रकारों से कहा कि हजकां की भ्रष्टाचार निरोधक कमेटी के प्रधान आलोक मेहता और आरटीआई कार्यकर्ता वरुण श्योकंद ने यह जानकारी जुटाई है। अब इस मामले को लेकर जल्द ही राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।