हरियाणा में जजों की नियुक्ति के लिए 16 जुलाई को हुई एचसीएस (ज्यूडिशियल) पेपर लीक मामले ने अब गंभीर रुख ले लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने संज्ञान लेते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की फुल बेंच से यह मामला अपने पास मंगवा लिया है।
तय है की अब इस मामले में हाईकोर्ट की बजाय सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 10 अक्तूबर को होनी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले में संज्ञान लेते हुए 20 नवंबर से सुनवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पंचकूला की पिंजौर निवासी सुमन ने कहा था कि उसने एचसीएस ज्यूडिशियल के लिए अप्लाई किया था। परीक्षा की तैयारी के लिए एक कोचिंग सेंटर भी ज्वाइन किया।
इस दौरान उसकी दोस्ती सुशीला नामक लड़की से हो गई। उसने गलती से याची को एक ऐसी ऑडियो क्लिप भेज दी जिसमें वह अन्य लड़की से डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात कर रही थी। जोर देकर पूछने पर पेपर लीक होने की बात पता चली। सुशीला ने याचिकाकर्ता को 6 सवाल भी बताए जो परीक्षा में आऐ। सुमन ने अपने पति को इसकी जानकारी दी और उसने मामले की शिकायत पुलिस और हाईकोर्ट को एडमिनिस्ट्रेटिव साइट पर दी। इसके बाद रजिस्ट्रार विजिलेंस ने मामले की प्रारंभिक जांच की।