चंडीगढ़। एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से हरियाणा में अनुसूचित जाति के अफसरों के खिलाफ की कार्रवाई के खिलाफ एससी महासभा ने अनुसूचित जाति आयोग के पास शिकायत की है। शिकायत में आरोप लगे हैं कि एससी समाज के अफसरों को एसीबी गलत तरीके से फंसा रही है। महासभा की शिकायत पर आयोग ने हरियाणा सरकार से इस संबंध में नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है। अब मुख्य सचिव संजीव कौशल एसीबी के अफसरों से जवाब तलब करेंगे। महासभा ने पत्र में वरिष्ठ आईएएस विजय दहिया, आईएएस आरके सिंह, रिटायर्ड एचसीएस मुकेश सोलंकी और एचसीएस तरुण पवारिया के नामों का उल्लेख किया है। महसभा ने अफसरों द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों का भी जिक्र किया है। महासभा ने कहा कि अफसरों की गिरफ्तारी नियमों के विपरीत हुई है। महासभा का आरोप है कि इन मामलों में धारा 17ए का पालन नहीं किया गया। गौर हो कि कौशल विकास मिशन में बिल पास करने की एवज में पांच लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में एसीबी ने आईएएस विजय दहिया को गिरफ्तार किया था। वहीं, अन्य अफसरों के खिलाफ एसीबी ने अलग-अलग मामलों में मुकद्दमा दर्ज किया है।
आईपीएस मीणा मामले में भी नोटिस जारी
आईपीएस अधिकारी राजेंद्र मीणा की ओर से गृह सचिव टीवीएसएन प्रसाद के खिलाफ की गई शिकायत पर भी एससी आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी कर 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है। साथ ही खुद आयोग भी इस मामले की जांच करेगा। इसके लिए आयोग ने एचआर मीणा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। आईपीएस ने गृह सचिव पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। वहीं, इससे पहले आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार भी एससी आयोग को शिकायत कर चुके हैं।