पंजाब में 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना के तहत सामान्य वर्ग से पूरे बिल की वसूली पर घिरी आम आदमी पार्टी (आप) सरकार बैकफुट पर आ गई है। गुरुवार को राज्य के बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने डैमेज कंट्रोल किया और मुफ्त बिजली योजना से जुड़ी शर्तों में परिवर्तन की बात कही। उनके अनुसार, एक किलोवाट लोड वाले बीपीएल परिवारों को छोड़, आयकर देने वाले एससी और बीसी परिवारों पर भी सामान्य वर्ग वाला वह नियम लागू होगा। इसके तहत दो माह के बिल में 600 यूनिट से अधिक खपत पर पूरा बिल चुकाना अनिवार्य किया गया है।
बिजली मंत्री ने मंगलवार को कहा कि पंजाब में बिजली का संकट नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक किलोवाट लोड तक बिजली कनेक्शन वाले बीपीएल परिवारों को एक माह के लिए 300 यूनिट और दो माह के लिए 600 यूनिट बिजली माफ कर दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि 2 और 3 किलोवाट लोड वाले एससी व बीसी उपभोक्ताओं पर भी सामान्य वर्ग वाला नियम लागू होगा।
इन एससी-बीसी को भी दो माह में 600 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी लेकिन इसके बाद उनकी खपत 600 यूनिट से अधिक आई तो उन्हें पूरा बिल अदा करना होगा। इसके साथ ही बिजली मंत्री ने यह भी साफ किया कि आयकर भरने वाले अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के परिवारों पर भी सामान्य वर्ग वाली शर्त लागू होगी।
इन आयकरदाताओं को भी 600 यूनिट से अधिक बिजली खपत पर पूरा बिल भरना होगा। बिजली मंत्री ने आगे कहा कि पिछली सरकार में एक किलोवाट लोड वाले एससी और बीपीएल परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाती थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर 300 यूनिट कर दिया गया है। इन वर्गों के दो माह के बिल में 600 यूनिट माफ होंगे जबकि उससे ऊपर बिजली की खपत करने पर केवल अतिरिक्त यूनिट के पैसे ही लिए जाएंगे।
2-3 किलोवाट लोड वाले एससी-बीसी को देना होगा पूरा बिल
बिजली मंत्री ने साफ किया कि अगर एससी-बीसी से संबंधित परिवारों के पास 2-3 किलोवाट लोड क्षमता है तो उनका बिल 600 यूनिट से ऊपर होने पर पूरा बिजली बिल अदा करना होगा। इसमें किसी तरह की छूट नहीं होगी। बिजली मंत्री ने कहा कि सरकार की तरफ से सामान्य वर्ग से कोई भेदभाव नहीं किया गया है बल्कि पिछली सरकारों ने सामान्य वर्ग से धोखा किया था। पंजाब की भगवंत मान सरकार सामान्य वर्ग को भी 600 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही है।
अवैध कालोनियों में लगे बिजली मीटरों की जांच शुरु: हरभजन
पंजाब के बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने कहा है कि हम अवैध कालोनियों में लगाए गए बिजली के मीटरों की जांच कर रहे हैं और इन कालोनियों से जुड़े कालोनाइजरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे कई मामले उनके ध्यान में लाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि आम लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा बल्कि संबंधित कालोनाइजरों को नोटिस भेजे जाएंगे और उन पर ही कार्रवाई होगी।