सकेतड़ी के प्राचीन शिव मंदिर स्थित पांडव कालीन शिव पिंडी का सावन की शिवरात्रि पर महाकालेश्वर की तर्ज पर श्रृंगार किया जाएगा।
शिव पिंडी पर करीब 15 किलोग्राम चांदी से तैयार पत्तर और कड़े लगाए जाएंगे, जिन्हें तैयार करने के लिए जयपुर के कारीगरों को आर्डर दिया गया है।
24 जुलाई तक यह आर्डर पूरा कर लिया जाएगा। पिंडी के चारों तरफ चांदी के पत्तर लगाए जाएंगे और पिंडी के नीचे कड़ा लगेगा। उसके बाद फूलों और मुकुट से श्रृंगार किया जाएगा।
लंगर भवन के बाहर बनेगा शेड
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लंगर भवन के बाहर शेड का भी निर्माण कराया जा रहा है। इस शेड में कई पंखे भी लगाए जाएंगे। मंगलवार से शेड का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा और सावन की शिवरात्रि तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
कांवड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था
डेढ़ से दो हजार कांवड़ियों के खाने-पीने से लेकर ठहरने तक की व्यवस्था की जा रही है। 24-25 जुलाई को कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को यह सुविधा दी जाएगी।
आरती के बाद खुलेगा बाबा का द्वार
24 जुलाई की देर शाम आठ बजे मंदिर के पुजारी देसी घी से शिवालय का अभिषेक और आरती करेंगे। उसके बाद कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालु गंगाजल से अभिषेक करेंगे। इसके बाद अन्य श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर सकेंगे। 24 जुलाई के लिए आठ पुजारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।
प्रसाद का विशेष इंतजाम
हर बार की तरह इस बार भी शिवरात्रि पर 24 जुलाई से लंगर में शुद्ध देसी घी से बने मालपूड़े, खीर और सब्जी का प्रसाद होगा।