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अलविदा सतीश कौल : पंजाब में अपना घर और फिल्मों में आखिरी सांस तक काम करने की थी ख्वाहिश

Sun, 11 Apr 2021 02:10 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सतीश कौल। - फोटो : फाइल
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‘यार मैं छोटे ही सही लेकिन अंतिम समय तक सिनेमा में कोई न कोई रोल करना चाहता हूं। घर में बैठना नहीं चाहता।’ सिनेमा के प्रति किसी कलाकार का जज्बा इन बातों से समझा जा सकता है। उम्र के इस पड़ाव पर उनकी बेबसी ने मुझे भीतर तक हिला दिया। अभी दो अप्रैल को ही तो उनसे मिला था। सतीश कौल के साथ बिताए अंतिम दिनों को याद करते हुए मलकीत रौनी भावुक हो जाते हैं।

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मलकीत ने बताया कि 29 मार्च को हमने पहला पंजाबी सिनेमा दिवस मोहाली में मनाया। मैंने शाम को सतीश कौल को फोन कर पूरे कार्यक्रम के बारे में बताया। कौल बहुत खुश हुए कहा कि तुम लोगों ने ये बहुत अच्छा काम किया। मुझे बहुत खुशी है कि पंजाबी सिनेमा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहुंच बना रहा है। अगले वर्ष हम मिलकर इस उपलक्ष्य में दो-तीन दिन का समारोह आयोजित करेंगे। रौनी ने बताया कि कौल की तबीयत खराब थी तो मैंने उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की और दो अप्रैल को उनसे मिलने लुधियाना पहुंच गया। 

काफी देर तक बातें हुईं। नहीं जानता था कि यह आखिरी मुलाकात है। मलकीत ने बताया कि सतीश कौल ने मार्च में ही आगामी पंजाबी फिल्म जट्टू नखट्टू में एक किरदार निभाया है। इसकी शूटिंग के दौरान हम अमृतसर में साथ रहे। उनके साथ काफी समय बिताया। कौल अपने अंतिम दिनों में निजी जिंदगी को लेकर काफी परेशान थे। बेटा विदेश में रहता है, पत्नी भी साथ नहीं। इससे वह मानसिक तनाव में थे। 
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तबीयत सही न होने से काम भी नहीं कर पा रहे थे। उन्हें पंजाब सरकार ने 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी थी। उनकी हालत को देखते हुए अभिनेता योगराज सिंह भी उनसे मिले थे। योगराज ने उन्हें कहा था कि आप मेरे साथ मेरे घर में रहें। हम आपका ध्यान रखेंगे लेकिन सतीश कौल ने उनका प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था।

पंजाब में अपना घर बनाने की थी ख्वाहिश
मलकीत ने बताया कि एक मुलाकात के दौरान कौल साहब ने जिक्र किया था कि मेरी आखिरी इच्छा है, पंजाब में मेरा अपना घर हो। वे लुधियाना में किसी के यहां घर पर रह रहे थे। हालांकि उनके अंतिम समय में उनके चाहने वालों और सिनेमा से जुड़े लोगों ने उनकी मदद करनी चाही लेकिन वे किसी से मदद नहीं लेते थे।

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सतीश कौल ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से की पढ़ाई

सतीश कौल ने 1969 में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से पढ़ाई की। जया बच्चन, डैनी, आशा सचदेव, अनिल धवन जैसे कई कलाकार उनके बैचमेट थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद सतीश कौल को कई पंजाबी फिल्मों में बतौर हीरो काम करने का मौका मिला। हिंदी फिल्मों में भी हाथ आजमाया लेकिन कामयाबी नहीं मिली। उन्होंने दिलीप कुमार, देव आनंद, विनोद खन्ना जैसे बॉलीवुड के तमाम अभिनेताओं के साथ काम किया लेकिन असली शोहरत उन्हें पंजाबी सिनेमा से मिली।

एक्टिंग स्कूल में डूब गए थे 20 लाख रुपये
पंजाबी फिल्मों से दूर होने के बावजूद सतीश कौल के अंदर का कलाकार हमेशा जिंदा रहा। उन्होंने लुधियाना में एक एक्टिंग स्कूल भी खोला था लेकिन वो ज्यादा देर तक चल नहीं सका। आखिरकार इस काम में उन्हें 20 लाख रुपये का घाटा सहन करना पड़ा था। इस घाटे के बाद उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई। इसके बाद वह लगभग चार साल लुधियाना के मॉडल टाउन स्थित एक वृद्धाश्रम में भी रहे। वहां से उनकी प्रशंसक सत्या देवी उन्हें अपने साथ ले गई थीं।

पत्नी से हो गया था तलाक
शादी के एक साल बाद ही सतीश कौल का तलाक हो गया था। पत्नी ने दूसरी शादी कर ली और बेटे को साथ ले गई। लगभग आठ साल से सतीश कौल की देखभाल उनकी प्रशंसक सत्या देवी कर रही थीं। बुरे से बुरे वक्त में भी सत्या देवी ने उनका साथ दिया। वर्ष 2015 में सतीश कौल गिर गए थे, जिस वजह से उनके कूल्हे की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था, इससे वे उबर नहीं पाए। एक समय ऐसा भी आया कि उनके पास दवा और किराया देने के भी पैसे नहीं बचे।
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