हॉकी कप्तान सरदार सिंह के खिलाफ अर्शपाल कौर की प्रेसवार्ता
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भारतीय हॉकी टीम केपूर्व कप्तान सरदार सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सरदार सिंह की मंगेतर होने का दावा करने वाली एनआरआई युवती ने कहा है कि वह सरदार को सबक सिखाएंगी। क्योंकि उन्होंने कानूनी दाव-पेंच के जरिये एक लड़की की जिंदगी से खिलवाड़ किया है।
प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता में युवती ने कहा कि अब वह सरदार के साथ विवाह नहीं करेंगी। बल्कि, उसे सबक सिखाने केलिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगी। लुधियाना पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। बल्कि, उसे पंचकूला या सिरसा में शिकायत देने को कहा है। क्योंकि विदेश से आने केबाद सरदार ने उसे पंचकूला में रखा था। वह सरदार के संत नगर, सिरसा स्थित घर में भी ठहरी थी।
युवती ने कहा कि सरदार कह रहा है कि वह उसकी बहन है। क्या कोई बहन करवा चौथ का व्रत रख सकती है। सरदार केमाता-पिता और रिश्तेदार उसे जानते हैं। कई धार्मिक स्थलों के दर्शन करने भी वे इकट्ठे गए थे। उसकेपास मंगेतर होने केबहुत से सबूत हैं। सरदार उसे हमेशा यही कहता रहा कि 2016 केओलंपिक खेलों केबाद उससे शादी करेगा। युवती ने कहा कि उसे अमेरिका में स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप मिल गई थी, लेकिन सरदार ने उसे शादी का झांसा देकर इंग्लैंड बुला लिया। उसकी पढ़ाई बर्बाद हो गई। युवती ने सरदार के माता-पिता और भाई पर गलत शब्दावली इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।
निजी संबंधों से संबधित कई फोटोग्राफ भी लैपटॉप में दिखाए
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प्रेसवार्ता में युवती ने सरदार सिंह के साथ अपने निजी संबंधों से संबधित कई फोटोग्राफ भी लैपटॉप में दिखाए। जिनमें वह खुद सरदार सिंह और उनके परिवार वालों के साथ दिखाई दे रही है। इसके साथ ही वह फोटो भी दिखाए जिसमें सरदारा सिंह ने एक टूर्नामेंट में जीत के बाद अपना गोल्ड मेडल उसके गले में डाला हुआ था। सरदार सिंह भी साथ खड़े थे। पीड़ित ने सवाल उठाया कि अगर वह उनकी आम प्रशंसक होती तो कोई भी खिलाड़ी उसके गले इस तरह मेडल क्यों डालेगा। अगर वह केवल उनकी दोस्त होती तो करवा चौथ, जन्मदिन, परिवार वालों के साथ क्यों दिखाई देती।
वहीं उनके साथ आई महिला वकील ने कहा कि लुधियाना में इस बारे में केस दर्ज कराया गया था। लेकिन वहां की पुलिस का कहना है कि उन्हें पंचकूला या फिर सिरसा, जहां सरदारा सिंह का घर है, वहां जाकर शिकायत दर्ज कराएं। वकील का कहना है कि मामले में जरूरत पड़ी तो कानूनी कदम उठाए जाएंगे। महिला आयोग के पास भी पीड़ित को पेश किया जाएगा।