रीयल एस्टेट, ट्रांसपोर्ट और सत्संग के माध्यम से करोड़ों की कमाई करने वाले सतलोक आश्रम के मुखिया रामपाल ने स्थानीय कारोबारियों को तगड़ा झटका दिया है।
उसने इन लोगों से आश्रम के लिए भारी मात्रा में खाद्य आपूर्ति, बिल्डिंग मैटेरियल, पेट्रोल, डीजल आदि की खरीदारी की,लेकिन इनका भुगतान नहीं किया। करोड़ों रुपये की चपत खाए व्यापारी अब दबे पांव पुलिस महकमे के चक्कर काट रहे हैं।
हालांकि खुलकर कोई भी सामने आने को तैयार नहीं है, क्योंकि पुलिस रामपाल से जुड़े हर आदमी को संदिग्ध मानकर पूछताछ कर रही है।
ऐसे में जो व्यापारी थाने में पहुंच भी रहे हैं वे चिंतित हैं कि शायद ही अब उनकी पेमेंट उन्हें नहीं मिल पाएगी। व्यापारियों का मानना है कि देशद्रोह के मामले में फंसा रामपाल अब अब लंबे समय के लिए जेल चला जाएगा।
हर माह होती थी खरीदारी
एक स्थानीय व्यवसायी ने बताया कि आश्रम में हर माह करोड़ों रुपये की खाद्य सामग्री और हजारों लीटर डीजल और पेट्रोल की खपत थी। यह खरीदारी हर माह एक से पांच तारीख के बीच की जाती थी और उसका भुगतान दस से 15 तारीख के बीच किया जाता था।
व्यवसायी ने बताया कि यह व्यवस्था इसलिए थी कि आश्रम में हर माह दो बार सत्संग होता था और उससे मोटी कमाई होती थी। उसी से भुगतान किया जाता था।
नवंबर में दोगुनी खरीदारी
किरयाना कारोबारी ने बताया कि 21 नवंबर से आश्रम में महा सत्संग की तैयारी चल रही थी इसके लिए इस बार दुगुनी खरीदारी की गई थी। क्योंकि सत्संग में करीब एक लाख लोगों के आने की उम्मीद थी।
उन्होंने बताया कि इस माह 25 लाख का घी, 25 लाख आटा, 10 लाख का चावल और करीब पांच लाख रुपये की दाल और मसाले खरीदे गए थे। 200 गैस सिलेंडर की भी व्यवस्था की गई थी।
एक स्थानीय पेट्रोल पंप मालिक ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि हर माह दस से 15 लाख रुपये का डीजल-पेट्रोल खरीदने वाले आश्रम ने इस माह 60 लाख का डीजल खरीदा था।