देशद्रोह के आरोपी संत रामपाल के सतलोक आश्रम मे बने 'राजमहल' के बारे में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सतलोक आश्रम में बना संत रामपाल का राजमहल ‘अवैध’ है।
जिला नगर योजनाकार की रिपोर्ट के अनुसार इस पांच मंजिला भवन को बनाने से पहले विभाग से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई। लिहाजा यह भवन अवैध की सूची में है। बरवाला में चंडीगढ़ रोड पर बना सतलोक आश्रम का आधे से ज्यादा हिस्सा अवैध है।
इस पर कार्रवाई के बारे में जिला प्रशासन की ओर से जल्द ही फैसला लिया जाएगा। आश्रम विवादों में आने के बाद जिला प्रशासन ने आश्रम की रिपोर्ट खंगालना शुरू की तो पता लगा कि आश्रम का आधे से ज्यादा हिस्सा अवैध है।
राजमहल का मैप भी पास नहीं कराया
जांच में खुलासा हुआ है कि 2008 में आश्रम के लिए 6 एकड़ जमीन खरीदी गई थी। इसमें निर्माण के लिए किसी तरह की अनुमति की जरूरत नहीं थी। इस कारण यहां आश्रम का 6 एकड़ का एरिया वैध की श्रेणी में है।
वर्ष 2010 में प्रदेश सरकार ने बरवाला के आसपास कंट्रोल एरिया एक्ट लागू किया। इसके बाद किसी भी निर्माण से पहले अनुमति लेनी होती है।
करीब साढ़े छह एकड़ एरिया कंट्रोल एक्ट लागू होने के बाद डवलप किया गया, जिसके चलते उनके बाद में डवलप किया गया एरिया अवैध माना गया है।
आश्रम के कोने में करीब आधे एकड़ में बनाया रामपाल का राजमहल पूरी तरह से अवैध है। यह निर्माण 2011 के बाद किया गया है। इस भवन को बनाने से पहले किसी तरह का मैप पास नहीं कराया गया।
सतलोक आश्रम का गेट भी अवैध
जिला नगर योजनाकार की रिपोर्ट के अनुसार खेत मालिक अपने स्तर पर निर्माण कर उसका गेट हाइवे पर नहीं लगा सकता। इस लिहाज से संत रामपाल के सतलोक आश्रम का गेट पूरी तरह से अवैध है। यह हाइवे के नियमों का उल्लंघन है। इसके अनुसार गेट को तोड़ा या सील किया जा सकता है।
लिफ्ट भी अवैध
प्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार लिफ्ट लगाने से पहले बिजली विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। बिना अनुमति भवन में लिफ्ट लगाना गैर कानूनी है। रामपाल के भवन में मिली लिफ्ट भी अवैध है। प्रशासन अब इसे सील करने की बात कह रहा है।
रिपोर्ट भेजी फैसला अधिकारी लेंगे ........
जिला नगर योजनाकार हितेश शर्मा ने कहा कि संत रामपाल के आश्रम में 6.5 एकड़ एरिया व रामपाल का रिहायशी भवन अवैध हैं। इस बारे में उपायुक्त को शुक्रवार को रिपोर्ट भेज दी गई है। सीलिंग के बारे में उच्च अधिकारियों की ओर से फैसला लिया जाएगा।