हरियाणा के पूर्व उप-मुख्यमंत्री चंद्र मोहन उर्फ चांद मोहम्मद की पूर्व पत्नी अनुराधा बाली उर्फ फिजा करोड़ों की संपत्ति की मालकिन थीं। उन्हें महंगी ज्वेलरी का शौक था।
इसका खुलासा फिजा की मौत के बाद उनके घर और लॉकरों से मिली ज्वेलरी, कैश से हुआ था। वह कारों की भी शौकीन थीं। अब यह सारी संपत्ति उनकी तीनों बहनों को मिलेगी। जिला अदालत ने शुक्रवार को ही फिजा की बहनों को उनकी संपत्ति का वारिस घोषित किया था।
इन बैंकों में खुले थे लॉकर
बैंक---------------------------लॉकर नंबर--------------रकम/जेवर
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला-------------37----------------49 लाख 99 हजार कैश
पंजाब नेशनल बैंक सेक्टर-17-------2580---------------54 लाख 99 हजार कैश
पंजाब एंड सिंध सेक्टर-47----------1079---------------सोने और हीरे के गहने
कई गाड़ियां और कोठी भी फिजा के नाम
इसके अलावा गाड़ियां, सेक्टर-48 की कोठी भी फिजा के नाम पर थी। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के लॉकर नंबर 37 से 49 लाख 99 हजार कैश मिला था। यह लॉकर 13-12-11 को आखिरी बार ऑपरेट हुआ था।
लॉकर में फिजा ने माता श्वेता को नॉमिनी बनाया था। पंजाब नेशनल बैंक सेक्टर-17 के लॉकर नंबर 2580 से 54 लाख 99 हजार कैश मिला था। यह लॉकर भी 13-12-11 को आखिरी बार ऑपरेट हुआ था। इसमें किसी को नॉमिनी नहीं बनाया गया था।
इसके अलावा पंजाब एंड सिंध सेक्टर-47 के लॉकर नंबर 1079 में सोने और हीरे के गहने मिले थे। इसके साथ ही 22 लाख रुपये का पीसी ज्वेलर का बिल भी मिला था। यह लॉकर 14-11-12 को आखिरी बार ऑपरेट हुआ था। इसके अलावा गाड़ियां, सेक्टर-48 की कोठी भी फिजा के नाम पर थी।
संदिग्ध हालातों में हुई थी फिजा की मौत
फिजा की मौत छह अगस्त-2012 को सेक्टर-48 सी घर में संदिग्ध हालत में हो गई थी। उसका शव घर के ग्राउंड फ्लोर पर बने बेडरूम में मिला था। उनके शव को सबसे पहले उनके चाचा ने देखा था। बाद में मौके पर पुलिस पहुंची थी।
नौ अगस्त-2012 को पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार विवेक निरमोही की अगुवाई में फिजा के घर की तलाशी ली थी। उस समय घर से 92 लाख रुपये कैश और डेढ़ किलोग्राम सोना मिला था।
कुछ दिन बाद 13 सितंबर को पुलिस ने फिजा के तीन लॉकरों को खोला था। उस समय ड्यूटी मजिस्ट्रेट और फिजा की तीनों बहनें भी मौजूद थीं। लॉकरों से एक करोड़ चार लाख 98 हजार रुपये कैश मिले थे।
मौत के बाद भी, फिजा हाजिर हो
जिंदगी के एक मुकाम पर पहुंचने के बाद फिजा और विवाद के बीच एक ऐसा नाता जुड़ा कि मरते दम तक उनका इनसे पीछा नहीं छुटा। यह इत्तेफाक है कि जिस दिन फिजा की मौत की खबर दुनिया को मिली।
उसी दिन कोर्ट में उनकी पेशी थी। फिजा का अपने पड़ोसी के साथ विवाद चल रहा था। पेशी के समय पड़ोसी अदालत पहुंच गया था। लेकिन, फिजा अदालत नहीं पहुंची थीं। इसके बाद अदालत ने केस में अगली तारीख डाल दी थी। पड़ोसी को अदालत से घर आने के बाद मौत का पता चला था।