समझौता ब्लास्ट मामले की शुक्रवार को पंचकूला की एनआईए कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में असीमानंद सहित सभी चार आरोपी भी कोर्ट में पेश हुए। अदालत में शुक्रवार को सात गवाहों के बयान दर्ज किए जाने थे, लेकिन अदालत ने इनमें दो को छूट दे दी।
इसके चलते चार पुलिस कर्मियों और एक रेलवे कर्मी के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने अदालत में कुछ छह गवाहों को पेश किया गया था, इनमें से एक के बयान दर्ज नहीं किए गए। सातवां गवाह मौके पर मौजूद नहीं था। इस मामले में अगली सुनवाई 9 जनवरी को होगी।
एनआईए के वकील आरके हांडा ने बताया कि शुक्रवार को अदालत में उस रेलवे कर्मी को पेश किया गया, जिसने समझौता ब्लास्ट के बाद बोगियों के रिकार्ड सौंपे थे। इस मामले में पेश अन्य गवाहों ने ब्लास्ट के बाद घटनास्थल से लाशों को उठाया था, जबकि अन्य पुलिस कर्मी भी इस मामले की जांच से जुड़े थे।
हांडा ने बताया कि जीआरपी के एक कर्मचारी ने बयान दर्ज कराया कि उसने स्टेशन पर विस्फोटक से भरे दो बैग देखे थे। अब तक इस मामले में 84 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। समझौता ब्लास्ट में मुख्य आरोपी असीमानंद, लोकेश शर्मा, राजेंदर पहलवान और कमल चौहान चारों आरोपियों पर आरोप तय हो चुके हैं।
इस मामले में अभी भी गवाही का सिलसिला जारी है। इस दौरान कमल चौहान ने जमानत के लिए अर्जी लगाई थी, जिस पर 6 जनवरी को सुनवाई होगी।