पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल और भाजपा के नेताओं के बीच विवाद अब गृह मंत्रालय (एमएचए) तक जाएगा।
प्रशासक की सलाहकार समिति की वीरवार को हुई बैठक में जो कुछ भी हुआ, इसकी शिकायत भाजपा चंडीगढ़ के अध्यक्ष संजय टंडन अब केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से करेंगे। सांसद किरण खेर पहले ही गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर इस मामले में प्रशासन के अधिकारियों की शिकायत कर चुकी हैं।
संजय टंडन ने कहा कि वे शुक्रवार को राजनाथ सिंह को पत्र लिखेंगे। प्रशासन का यह व्यवहार हमें स्वीकार नहीं होगा। पूर्व सांसद सत्यपाल जैन ने भी कहा कि एसी कार्यालयों में बैठकर शहर नहीं चलाया जा सकता है।
सांसद को उचित सम्मान मिलना चाहिए था और उनकी उपलब्धता के अनुसार ही बैठक की तारीख तय करनी चाहिए थी। भाजपा के नेताओं के तीखे तेवर से स्पष्ट है कि वे पाटिल को जल्द से जल्द हटाने के लिए दबाव बनाएंगे।
व्यापार मंडल ने भी किया बहिष्कार
चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने सलाहकार समिति की बैठक का बहिष्कार किया। चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष और समिति के सदस्य चरंजीव सिंह बैठक में नहीं गए। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से वे जिन मुद्दों के खिलाफ लड़ रहे हैं, प्रशासन ने उन्हें हमेशा नजरअंदाज किया।
चाहे पेनल्टी का मुद्दा हो या दुकानों की ऊपरी मंजिलों में व्यापारिक गतिविधियों की इजाजत देने का मुद्दा हो। हमने अपनी नाराजगी दिखाने के लिए यह बहिष्कार किया है। इसके साथ ही बैठक में सांसद किरण खेर को न बुलाने का भी हम विरोध करते हैं।
कड़ी सुरक्षा में हुई बैठक
बीस महीने बाद वीरवार को हुई सलाहकार समिति की बैठक कड़ी सुरक्षा के बीच हुई। इससे पहले हुई छह बैठकों में इतनी कड़ी सुरक्षा नहीं थी। चंडीगढ़ पुलिस की सीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर यूटी गेस्ट हाउस और इसके आसपास तीन डीएसपी समेत 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात थे।
यूटी के आईजी आरपी उपाध्याय और एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी भी मौके पर मौजूद थे।
सीआईडी की रिपोर्ट में बैठक के दौरान विरोध प्रदर्शन होने की बात कही गई थी। इसी कारण कुछ देर तक यूटी गेस्ट हाउस से लेक जाने वाली सड़क को बंद कर दिया गया। राज भवन के सामने की सड़क पर भी ट्रैफिक रोक दिया गया।
समिति के सदस्यों से पूछताछ
कड़ी सुरक्षा के कारण समिति के सदस्यों से भी पूछताछ की गई। समिति की बैठक में कई सदस्यों ने इतनी कड़ी सुरक्षा में बैठक करने का कारण भी पूछा। भाजपा चंडीगढ़ के अध्यक्ष संजय टंडन ने कहा कि अगर प्रशासक शिवराज पाटिल को सलाहकार समिति के सदस्यों से खतरा है तो उन्हें इस बैठक में क्या बुलाया गया। सत्यपाल जैन ने भी कहा कि इतनी सुरक्षा में बैठक करने का कोई औचित्य नहीं था।
देरी से एजेंडा भेजने का मुद्दा भी उठा
सलाहकार समिति की बैठक में प्रशासन द्वारा देरी से एजेंडा भेजने का मुद्दा भी कई सदस्यों ने उठाया। सदस्यों का कहना था कि उन्हें बैठक के तीन दिन पहले उन्हें मास्टर प्लान का ड्राफ्ट और बोर्ड ऑफ इंक्वायरी की रिपोर्ट मिली। तीन दिन में 700 से ज्यादा पेज कैसे पढ़े जा सकते हैं। उनका कहना था कि प्रशासन को बैठक स्थगित कर देनी चाहिए थी।