शुल्क लगाने का फैसला रद्द नहीं, दरें फिर से होंगी तय
एक जनवरी से संपर्क केंद्रों पर सेवा शुल्क नहीं लगने से लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं रहेगी, क्योंकि शुल्क नहीं लगाने का फैसला सिर्फ फिलहाल टला है, रद्द नहीं हुआ है। कुछ दिनों या महीनों के बाद प्रशासन की तरफ से फिर नए शुल्क को लेकर आदेश जारी किए जाएंगे। इस मुद्दे पर सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि सभी राज्य विभिन्न तरह की सेवाओं पर शुल्क ले रहे हैं। इसलिए चंडीगढ़ भी संपर्क केंद्रों की सेवाओं पर शुल्क लगाएगा लेकिन वह दाम उचित और पड़ोसी राज्यों के तुलना के बाद तय होंगे। इसके लिए बैठक चल रही हैं।
विभागों ने पैसा देने से मना किया, इसलिए लोगों पर डाला गया बोझ
संपर्क केंद्रों को लगातार हो रहे घाटे से बचाने के लिए सुविधा शुल्क लगाने का जब फैसला हुआ तो स्पिक की एग्जीक्यूटिव कमेटी में दो प्रस्तावों पर चर्चा हुई। शुल्क लोग चुकाएं या विभाग। बिजली बिल के लिए बिजली विभाग और पानी के बिल के लिए नगर निगम और इसी तरह संबंधित बिल के लिए संबंधित विभाग से प्रति ट्रांजेक्शन एक शुल्क लेने पर विचार हुआ लेकिन इस बारे में जब विभागों से पूछा गया तो उन्होंने साफ मना कर दिया इसलिए ये बोझ लोगों पर डाल दिया गया।
संपर्क केंद्रों पर सबसे ज्यादा जमा होता है बिजली और पानी का बिल
शहर में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 45 संपर्क केंद्र हैं, जहां सबसे ज्यादा बिजली और पानी का बिल भरा जाता है। लोगों की तरफ से विरोध भी इसी को लेकर है कि इन दोनों बिलों को जमा करने पर शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। दूसरी तरफ, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर इन दोनों पर शुल्क नहीं लिया गया तो बड़े राजस्व का नुकसान होगा। बता दें कि विभाग के अनुसार संपर्क केंद्रों में सेवाओं को बेहतर बनाने, अन्य केंद्र खोलने, नई सेवाओं को लांच करने, सॉफ्टवेयर-सर्वर आदि को अपग्रेड करने के लिए ही ये शुल्क लगाए गए हैं।
संपर्क केंद्रों की संख्या
- संपर्क केंद्र - 18
- मिनी संपर्क केंद्र - 24
- एस्टेंशन संपर्क केंद्र - 3
स्पिक की तरफ से प्रस्तावित किए गए संपर्क केंद्रों के सेवा शुल्क एक जनवरी से लागू नहीं होंगे। प्रशासन सेवा शुल्क के दरों की समीक्षा कर रहा है और पड़ोसी राज्यों के साथ उसकी तुलना कर रहा है। उसके बाद ही उचित शुल्क तय किए जाएंगे। - डॉ. धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक।