समझौता ब्लास्ट मामले में शुक्रवार को तीन रेल कर्मियों ने अदालत में बयान दर्ज कराए। प्वाइंटमैन बीएल मीणा ने बताया कि घटना के दिन 18 फरवरी 2007 को वह दीवाना रेलवे स्टेशन पर तैनात थे।
धमाके के बाद जब ट्रेन में आग लगी तो उन्होंने इसकी जानकारी असिस्टेंट स्टेशन मास्टर वीके गुप्ता को दी। बाद में सभी कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे।
इसी दौरान वहां कुछ बोतलें भी पड़ी थी, जिनमें तरल पदार्थ था। इसे देखकर पास मौजूद गार्ड सुरेश ने बोतल में बम होने की आशंका जताते हुए तुरंत उन्हें फेंकने को कहा।
एनआईए के काउंसिल राजन मल्होत्रा को दी गई गवाही में गेटमैन अशोक कुमार ने बताया कि वह घटना के दिन फाटक नंबर-49 पर थे और उनके सामने ही ट्रेन की बोगियां जलती हुई रुकी।
वहीं जेई फूल चंद ने बयान दिया कि घटना के अगले दिन वॉशिंग के बाद सुबह छह बजे इसे सुपुर्द कर दिया गया।