मोटापा घटाने के लिए सर्जरी कराने में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं काफी आगे हैं। पीजीआई में साल 2011 से लेकर अप्रैल 2014 तक कुल 44 सर्जरी हुई हैं, जिनमें से केवल 34 महिलाएं थीं, पुरुष केवल दस।
यह खुलासा पीजीआई की जनरल सर्जरी व इंडोक्रिनोलॉजी की एक स्टडी में हुआ है। पीजीआई की स्टडी के मुताबिक मोटापा कम करने के लिए दवाएं खाने से बेहतर सर्जरी है। सर्जरी का कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है। पीजीआई की 31 मरीजों पर की गई स्टडी में 17 मरीजों को दवाएं दी गईं, जबकि 14 की सर्जरी की गई।
इन सभी मरीजों को करीब एक साल तक फालोअप किया गया। जिन मरीजों की सर्जरी की गई थी, उन्हें डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हार्ट डिसीज व अन्य दिक्कतों से भी छुटकारा मिला। सर्जरी में करीब डेढ़ से दो लाख रुपये का खर्चा आता है। तीन दिन के बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।
ऐसे होती है सर्जरी
जनरल सर्जरी के डाक्टर राजेश गुप्ता ने बताया कि आपरेशन के दौरान मरीज के पेट का साइज कम कर दिया जाता है। इससे भूख कम लगती है। पेट की मूवमेंट ज्यादा होती है। जब भी व्यक्ति कुछ खाता है तो वह जल्दी-जल्दी पचता है। पेट का साइज कम होने से जो व्यक्ति 1800 कैलोरी रोज ले रहा था, उसका काम अब 500 कैलोरी में चल जाता है।
ज्यादा खाने से बढ़ा मोटापा
डा. राजेश गुप्ता ने बताया कि जो भी मरीज उनके पास सर्जरी के लिए आए थे, उनमें ज्यादातर मोटापा खाना खाने से बढ़ा। ये लोग हाइपरटेंशन से ग्रसित थे। तनाव के कारण वे ज्यादा खाना खा रहे थे। मोटापा होने से उन्हें डायबिटीज और हार्ट से संबंधित बीमारियां हो रही थी।
मोटापा घटने से दस साल बढ़ेगी लाइफ
पीजीआई के डाक्टरों ने बताया कि मोटापा कम करने से मरीजों की लाइफ दस से 15 साल तक बढ़ सकती है। मोटापा होने से डायबिटीज, हार्ट डिसीज, ज्वाइंट का दर्द, फैटी लीवर व साइकोलाजिकल डिस्आर्डर की बीमारियां बढ़ती हैं।
पीजीआई में अवेयरनेस सेमिनार
मोटापा के लिए पीजीआई में एक अवेयनेस सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। मोटापा से होने वाली दिक्कतों के बारे में 13 अप्रैल को पेशंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग और पब्लिक अवेयरनेस लेक्चरर का आयोजन होगा। इसमें कई डाक्टर मोटापा से होने वाली बीमारियों के बारे में विस्तार से बताएंगे।