चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट कारपोरेशन (सिटको) के कुछ अधिकारियों पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने चहेती कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए कई नियमों को तोड़ा है। पिछले करीब 32 साल से सिटको के तीनों होटलों में लॉन्ड्री सर्विस का काम एक ही कंपनी कर रही है। कई तरह के आरोप लगने के बाद फरवरी 2019 में सिटको ने अनुबंध भी रद्द कर दिया लेकिन मिलीभगत से कंपनी आज तक काम कर रही है। अब मामला प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित तक पहुंच गया है।
शिकायतकर्ता ने कहा है कि फरवरी 2019 में अनुबंध रद्द करने के डेढ़ साल बाद दूसरा टेंडर सितंबर 2020 में किया गया। इसमें वॉशटेक और वॉशेक्स ने हिस्सा लिया लेकिन वॉशेक्स कंपनी टेक्निकल बिड में फेल हो गई। इसलिए टेंडर को रद्द कर दिया गया। फिर करीब 11 महीने बाद अगस्त 2021 में तीसरा टेंडर किया गया, इसमें तीन कंपनियों ने हिस्सा लिया। शिकायतकर्ता के अनुसार टेक्निकल और फाइनेंशिल बिड में वॉशटेक कंपनी पास हो गई, लेकिन अब तक कंपनी को काम अलॉट नहीं किया गया है और सिटको के कॉमर्शियल ब्रांच की तरफ से फाइल को दबा दिया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि ब्रांच के अधिकारी काम में देरी कर निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने का काम कर रहे हैं। अधिकारियों की मिलीभगत से ही एक कंपनी बिना टेंडर अलॉट किए साढ़े तीन साल से काम कर रही है।
शिकायतकर्ता ने बताया है कि वर्तमान में जो कंपनी काम कर रही है, उसके खिलाफ कई बार साफ-सफाई नहीं रखने, बेहतर सेवा न देने और कर्मचारियों को समय पर तनख्वाह नहीं देने के लिए सिटको की तरफ से चेतावनी जारी की गई है। कई बार कंपनी को सेवा में सुधार के लिए नोटिस भी जारी किया गया है। ऐसी कई शिकायतों की कॉपी भी साथ में लगाई गई है। होटल माउंट व्यू ने 15,196 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा कहा है कि कंपनी की घटिया सेवा की वजह से होटल का नाम खराब हो रहा है। यहां पर आने वाले अतिथि भी शिकायत कर रहे हैं। तमाम शिकायतों के बावजूद सिटको के कुछ अधिकारियों की कंपनी पर पूरी मेहरबानी है और वह आज तक बिना टेंडर व अनुबंध के काम कर रही है।
मेरी तबीयत खराब है। मैं पिछले कई दिनों से दफ्तर नहीं जा रहा हूं। जब दफ्तर जाऊंगा तो सारी डिटेल बता दूंगा। मैंने टेंडर के अलॉटमेंट के अप्रूवल के लिए फाइल जमा कर दी है। - अनिल कुमार शर्मा, कॉमर्शियल मैनेजर, सिटको