चंडीगढ़। लॉकडाउन में सिटको कर्मचारियों पर वेतन का संकट गहराने लगा है। 1200 कर्मचारियों माह के अंतिम दिन खातों में सैलरी नहीं पहुंची। कर्मचारी यूनियनों ने प्रबंधन पर कर्मचारियों के हित में कार्य नहीं करने का आरोप लगाया है।
सिटको कर्मचारी वर्कर्स यूनियन के प्रधान बलदेव राज ने आरोप लगाया है कि वर्तमान का प्रबंधन कर्मचारियों के हित में कार्य नहीं कर रहा है। वहीं, ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रेम लाल का कहना है कि कर्मचारियों की सैलरी के लिए यूटी प्रशासन को मांगी गई ग्रांट तत्काल प्रभाव से निर्गत करनी चाहिए। जब तक सिटको के होटल व कैंटीन पूरी तरह से चालू नहीं होते हैं, तब तक सभी कर्मचारियों के वेतन की व्यवस्था की जाए।
होटल पार्क व्यू के कर्मचारियों का बीमा कराए प्रशासन: ज्वाइंट एक्शन कमेटी
कोरोना वायरस के बीच होटल, रेस्टोरेंट सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला बिजनेस है। सिटको के कर्मचारियों की चिंता है कि उनकी आय का साधन सैलरी ही है। उनकी सैलरी रोकी जाती है तो वह बहुत बड़ी समस्या में पड़ सकते हैं। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रेम लाल, राजीव कोहली व बलबीर सिंह ने प्रशासन से कर्मचारियों की सैलरी न रोकने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन ने होटल पार्क व्यू को क्वारंटीन सेंटर बनाया है, जहां कई कोरोना के संदिग्ध मरीजों को रखा जा रहा है। होटल में बहुत से कर्मचारी काम करते हैं, उन्हें भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है। सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं, ऐसे में प्रशासन को भी उनकी मदद करनी चाहिए और सभी का बीमा करवाना चाहिए, ताकि वह खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। इन सभी मांगों को लेकर ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने एडवाइजर मनोज परिदा से भी मिलने का समय मांगा है।