रियो ओलंपिक में देश को पहला मेडल दिलाने वाली साक्षी मलिक ने 10 सेकेंड में बाजी पलट दी थी और इसके पीछे था कोच का मूलमंत्र। साक्षी, तुम किसी से कम नहीं, बल्कि मजबूत हो। विरोधी पहलवान को परास्त कर सकती हो। बुधवार की रात को रियो में कांस्य पदक के मुकाबले में साक्षी मलिक के कोच कुलदीप मलिक ने यह मूलमंत्र दिया था।
साक्षी ने भी अपने कोच के मंत्र को सही साबित करते हुए ओलंपिक में मेडल के सूखे को खत्म किया। रियो से अमर उजाला के साथ बातचीत में कोच कुलदीप मलिक ने यह खुलासा किया। गोहाना के नजदीकी गांव खानपुर निवासी कुलदीप मलिक ने बताया कि 2011 में वे महिला कुश्ती टीम के कोच बने तो सबसे पहले महिला पहलवानों को मानसिक तौर पर तैयार किया। इंटरनेशनल स्तर पर खेल रही महिला पहलवानों की कुश्ती की वीडियो रिकार्डिंग दिखाई।
इतना ही नहीं, देश-विदेश में प्रैक्टिस के दौरान साक्षी को उसके प्लस व माइनस प्वाइंट बताए। नतीजा यह हुआ कि मेडल की दौड़ से बाहर होने के बाद भी साक्षी ने हौसला नहीं खोया और रिपचेज राउंड में विरोधी पहलवान को शिकस्त देकर मेडल जीत लिया। जीत के पीछे कोचिंग के साथ-साथ साक्षी की मेहनत, उसके परिवार व देशवासियों की दुआएं अहम रही।