एशियन गेम्स की तैयारियों के लिए शुरू हुए नेशनल कैंप से कई पहलवान नदारद रहे। साक्षी मलिक ने तो वजह बताई, पर गीता-बबीता चुप हैं। कैंप के लिए चयनित 53 महिला पहलवानों में से 34 ने ही अभी तक अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है। हरियाणा की ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक चोट के कारण कैंप से दूर हैं, वहीं फौगाट बहनें गीता, बबीता, रितु, संगीता बिना कोई कारण बताए कैंप से गायब हैं। चीफ कोच ने इसकी रिपोर्ट भारतीय कुश्ती संघ को भेज दी है।
ऐसे में गायब पहलवानों पर एशियन गेम्स के ट्रायल से बाहर होने का खतरा बढ़ गया है। कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला पहलवानों के बेहतर प्रदर्शन के बाद अगस्त में होने वाले एशियन गेम्स में उनसे काफी उम्मीदें हैं। एशियन गेम्स की तैयारी के लिए लखनऊ में 10 मई से नेशनल कैंप चल रहा है। कैंप के लिए देशभर की 53 महिला पहलवानों को चुना गया था। कैंप शुरू होने के तीन दिन बाद तक सभी को पहुंचना होता है। कई बड़ी पहलवान एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद कैंप में नहीं पहुंची हैं और बिना कारण बताए गायब हैं।
ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक ने गर्दन में चोट बता जल्द ही कैंप में शामिल होने के लिए चिट्ठी भेजी है। वहीं फौगाट बहनें भी कैंप से दूर हैं और उन्होंने कोई सूचना भी नहीं दी है। साथ ही 15 अन्य पहलवान ऐसी हैं जो अभी तक कैंप में नहीं पहुंची हैं, हालांकि कई पहलवानों ने 10 मई से परीक्षा शुरू होने या फिर बीमारी के कारण कैंप में नहीं आने की बात कही है।
ट्रायल से बाहर होने का खतरा
अभी तक कैंप से गायब सभी महिला पहलवानों की रिपोर्ट चीफ कोच ने बुधवार को भारतीय कुश्ती संघ के पास भेजी है। भारतीय कुश्ती संघ के नियम के अनुसार नेशनल कैंप से गायब रहने वाले पहलवानों को अगली बड़ी चैंपियनशिप में नहीं खेलने देने के आदेश हैं। ऐसे में इन पहलवानों पर एशियन गेम्स के ट्रायल से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा है।
लखनऊ में शुरू हुए नेशनल कैंप में अभी तक 53 में केवल 34 पहलवान पहुंची हैं। इनमें साक्षी मलिक ने चोट लगने के कारण इलाज कराने की बात कही है। वहीं गीता, बबीता, रितु, संगीता ने कोई सूचना नहीं दी है। ऐसी भी कई महिला पहलवान हैं, जिन्होंने परीक्षा या बीमारी के कारण अभी तक नहीं आ पाने की बात कही है। गायब पहलवानों की रिपोर्ट भारतीय कुश्ती संघ को भेज दी गई है।
- कुलदीप मलिक, चीफ कोच भारतीय महिला कुश्ती