सामने से आ रही गोलियों से हर पल मौत दिखाई दे रही थी और आश्रम पर बॉर्डर पर जंग छिड़ने जैसा माहौल था। पुलिस को तो आश्रम में मौजूद महिलाओं और बच्चों की जान की फिक्र थी, लेकिन आश्रम की तरफ के लोगों को किसी की कोई चिंता नहीं थी और अंधाधुंध गोली चलाने के साथ पत्थर फेंके जा रहे थे।
यह कहना है बरवाला के सतलोक आश्रम से रामपाल की गिरफ्तारी करने वाले जवानों का। यहां ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल हवलदार धर्मबीर सिंह ने बताया कि वह डीएसपी शहर जितेंद्र गहलावत के साथ था।
जब वह आश्रम पर पहुंचा तो आश्रम की छतों पर चारों तरफ काले कपड़ों में कमांडो तैनात थे। वह एक बार तो घबरा गया, लेकिन अगले ही पल ड्यूटी संभाली।