उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है कि वह केंद्रीय गृहमंत्री को लिखित विरोध पत्र सौंपें। केंद्रीय गृहमंत्री को चंडीगढ़ पर पंजाबियों के रुख से अवगत कराया जाना चाहिए। चंडीगढ़ के अलावा, पंजाब के मुख्यमंत्री को पंजाब विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय में बदलने का मुद्दा भी उठाना चाहिए और शाह को साफ साफ बताना चाहिए कि पंजाब ऐसा कभी नहीं होने देगा।
सीमा सुरक्षा, नशा तस्करी के मुद्दे पर बैठक
सीमा सुरक्षा और उत्तर भारत के राज्यों में बढ़ती नशा तस्करी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब सहित तीन राज्यों के साथ शनिवार को बैठक करेंगे। इस बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी मौजूद रहेंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की भी बैठक में शामिल होने की चर्चा है।
बैठक का आयोजन पंजाब राजभवन में किया जाएगा। बताया जा यह जा रहा है कि मुख्यमंत्रियों के साथ ही बॉर्डर सुरक्षा में तैनात अधिकारी भी बैठक में प्रमुख रूप से शामिल होंगे। 2021 के अक्तूबर में केंद्र ने पंजाब में सीमा सुरक्षा बल का दायरा 50 किलोमीटर तक कर दिया था। इसके साथ ही बीएसएफ को अपने अधिकार क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध की तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती के अधिकार मिल गए थे। हालांकि केंद्र के इस फैसले पर पंजाब की सियासत काफी गर्म रही लेकिन केंद्र ने सीमा सुरक्षा का हवाला देते हुए इस फैसले को जारी रखा था।
उठ सकता है चंडीगढ़ का मुद्दा
बैठक में चंडीगढ़ मुद्दा अहम रहेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान यदि बैठक में शामिल होते हैं तो वह चंडीगढ़ को लेकर मुद्दा उठा सकते हैं। साथ ही हरियाणा को विधानसभा बनाने के लिए चंडीगढ़ में दिए जाने वाली जमीन पर भी आपत्ति उठा सकते हैं।