ढिल्लों और मजीठिया ने कहा कि कांग्रेस सरकार को घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को 5 रुपये प्रति यूनिट बिजली देने का वादा पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को 4300 करोड़ रुपये के बिजली घोटालों की भी स्वतंत्र जांच करवानी चाहिए और भ्रष्टाचार के लिए तत्कालीन बिजली मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि प्रदूषण-रोधी उपकरण न लगाने वाले प्राइवेट थर्मल प्लांटों के खिलाफ पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने कार्रवाई क्यों नही की?
अकाली नेताओं ने कहा कि उन्होंने बहिबलकलां पुलिस फायरिंग कांड के गवाहों को बयानों से पलटवाने के लिए उन पर डाले जा रहे दबाव के बारे में चर्चा करने की मांग भी की है, क्योंकि मुख्य गवाह सुरजीत सिंह की विधवा इस बात का पर्दाफाश कर चुकी है कि किस तरह कांग्रेसी मंत्री गुरप्रीत कांगड़ और सलाहकार कुशलदीप ढिल्लों ने गवाह पर दबाव डाला था।
फायरिंग में मारे गए कृष्ण भगवान सिंह के भाई रेशम सिंह ने अब हाईकोर्ट के चीफ न्यायाधीश को शिकायत दी है कि डीएसपी हरिंदर गिल और एडीसी परमजीत सिंह पन्नू के नाम मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के इशारे पर एफआईआर से हटाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि रेशम सिंह ने चीफ जस्टिस को इस मामले की जांच अपनी निगरानी में करवाने का भी अनुरोध किया है। अकाली नेताओं ने कहा कि मामले से हो रही छेड़छाड़ का जवाब देना और गवाहों के परिवारों को सुरक्षा प्रदान करवाना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।