सरकार द्वारा अंदरूनी तौर पर ऐसी सौदेबाजी के कारण ही उसे बिजली दरें बढ़ानी पड़ी हैं। कांग्रेस ने तीन साल में उपभोक्ताओं पर 2200 करोड़ का अतिरिक्त बोझ डाला है। अगर इस मामले में न्याय नहीं मिला तो पार्टी हाईकोर्ट जाएगी। इस मौके पर सांसद बलविंदर सिंह भूंदड़, प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, बिक्रम मजीठिया, डॉ. दलजीत चीमा समेत कई नेता मौजूद थे।
बिजली समझौते रद्द करने के लिए स्पीकर से मिली आप
आम आदमी पार्टी ने पिछली सरकार के दौरान निजी थर्मल प्लांटों के साथ हुए बिजली खरीद समझौते रद्द करने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा और विधायक अमन अरोड़ा की अगुवाई में पार्टी नेताओं ने स्पीकर राणा केपी सिंह से मिल कर इस संबंध में विधानसभा में प्रस्ताव लाने की मांग की।
आप नेताओं ने स्पीकर से द पंजाब टर्मिनेशन ऑफ पॉवर पर्चेज एग्रीमेंट विद 3 आईपीपीज बिल 2020 (प्राइवेट मेंबर बिल) को सदन में पेश करने की इजाजत मांगी। इसके अलावा इस बारे में एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी सौंपा गया। बाद में मीडिया से बातचीत में चीमा और अरोड़ा ने अकालियों द्वारा महंगी बिजली को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने को मगरमच्छ के आंसू करार दिया। उन्होंने कहा कि सुखबीर ने ही सरकारी थर्मल प्लांट बंद कर निजी कंपनियों के साथ मिल कर पंजाब में बिजली माफिया पैदा किया।