सभी पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी मेंटेनेंस कंपनी के कर्मचारियों के बयान दर्ज कर रही है। दो महीने पहले इन दोनों सिख संगठनों के कुछ सदस्यों ने इन बुत के सामने खड़े होकर रोष प्रदर्शन किया था।
इन बुतों को धर्म की मर्यादाओं के विरुद्ध बताते हुए जिला प्रशासन से इन बुतों को हटाने की चेतावनी दी थी। इन संगठनों का का कहना था की गिद्दा व भंगड़ा पंजाब का सभ्याचार नहीं है। इन संगठनों को इस बात का रोष था की श्री हरिमंदर साहिब माथा टेकने के बाद श्रद्धालु इन बुतों के आगे खड़े होकर सेल्फी खींचते है। जिससे से धार्मिक मर्यादाएं आहत होती है। बुतों के प्लेटफार्म तोड़ने के बावजूद श्रद्धालु आज भी इस स्थान पर सेल्फी खींच रहे थे। यह स्थान श्रद्धालुओं का सेल्फी केंद्र बन चुका है।
सौ करोड़ की लागत से बनी है हेरिटेज स्ट्रीट
तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के अंतर्गत केंद्र सरकार की मदद से टाउन हॉल से श्री दरबार साहिब गलियारा तक 800 मीटर के रास्ते को नो व्हीकल जोन घोषित कर हेरिट्रेज स्ट्रीट का निर्माण किया गया था। इस पर 100 करोड़ की लागत आई थी।
इस रास्ते में शेर-ए-पंजाब महाराजा रंजीत सिंह के एक आदम कद के बुत के साथ-साथ पंजाब के सभ्याचार को प्रदर्शित करने वाले भंगड़ा, गिद्दे व एक ढोल बजाते नौजवान का बुत स्थापित किया गया था। यह स्थल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन गया है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इन बुतों के आगे खड़े होकर सेल्फी खींचते हैं। इसी रास्ते में जलियांवाला बाग के मुख्य प्रवेश द्वार के आगे शहीदों को श्रद्धासुमन भेंट करने के लिए एक सांकेतिक बुत स्थापित किया गया है।