शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल बुधवार को कोटकपूरा गोलीकांड की जांच कर रही एडीजीपी एलके यादव के नेतृत्व वाली एसआईटी के समक्ष पेश हुए। टीम ने सुखबीर से करीब छह घंटे तक पूछताछ की।
सेक्टर-32 स्थित पंजाब पुलिस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट में पूछताछ के बाद बाहर आए सुखबीर बादल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पहले कांग्रेस और अब आप सरकार इन मामलों में इंसाफ दिलाने के बजाय राजनीति कर रही है। आप सरकार अपने घोटालों से ध्यान हटाने के लिए कोटकपूरा और बहिबलकलां मामलों को उठा रही है। पुलिस की सारी कार्रवाई एक निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा है। फैसले तो प्रशासन द्वारा लिए जाते हैं।
सुखबीर ने कहा कि मुझसे गोलीबारी की घटना के बारे में बार-बार सवाल पूछे जा रहे हैं, हालांकि यह स्पष्ट है कि यह कार्रवाई अधिकृत अधिकारी द्वारा की गई थी। मैंने एसआईटी से कहा है कि इस मामले में पुलिस की साख भी दांव पर है और मैं चाहता हूं कि एसआईटी केवल जांच ही न करती रहे बल्कि दोषियों को भी पकड़े। अगर एसआईटी मुझे 100 बार भी बुलाएगी तो मैं आऊंगा।
अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि तीन मामलों की जांच की जा रही है। बरगाड़ी में बेअदबी के मुख्य मामले की जांच पूरी हो चुकी है और आप सरकार ने मामले में अंतिम चालान पेश कर दिया है। वहीं, बहिबलकलां और कोटकपूरा फायरिंग मामलों की जांच की जा रही है। लोग चाहते हैं कि इन सभी मामलों में दोषियों को सजा दी जाए और उनके कृत्यों को दंडित किया जाए, लेकिन यह सरकार केवल इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है।
इससे पहले, सुखबीर बादल के एसआईटी के समक्ष पेशी के लिए पहुंचने से लेकर बाहर आने तक पंजाब पुलिस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट के बाहर शिअद के सीनियर नेता भारी संख्या में मौजूद रहे।