-कार्यकारी प्रधान भूंदड़ का सलाहकार लगाया था, आरोपों के चलते वापस लेना पड़ा फैसला
-नकोदर पुलिस फायरिंग केस से मेरा कोई संबंध नहीं: दरबारा सिंह गुरु
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल ने पार्टी के कार्यकारी प्रधान बलविंदर सिंह भूंदड़ के सलाहकार के रूप में दरबारा सिंह गुरु की नियुक्ति रद्द कर दी है। शिअद नेता दलजीत सिंह चीमा ने यह जानकारी दी है। दरबारा सिंह पर नकोदर पुलिस फायरिंग मामले में आरोप लग रहे थे। यही कारण है कि शनिवार को दरबारा सिंह ने प्रेसवार्ता करके इन आरोपों को खारिज भी किया था, लेकिन विरोध शांत न होने के चलते पार्टी को उनकी नियुक्ति आदेश रद्द करना पड़ा।
वहीं, शिरोमणि अकाली दल के कार्यकारी अध्यक्ष बलविंदर सिंह भूंदड़ के सलाहकार दरबारा सिंह गुरु ने 1986 के नकोदर पुलिस मामले के साथ किसी भी तरह के संबंध से इन्कार करते हुए कहा है कि कुछ ताकतें अकाली दल को बदनाम करने का प्रयास कर रहीं हैं। शनिवार को प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 1986 में पुलिस फायरिंग मामले के दौरान वह जालंधर में एडीसी थे और मामले में फायरिंग का आदेश देने में उनकी कोई भूमिका नही थी। उन्होंने कहा कि घटना के बाद मृतक का पोस्टमार्टम भी करवाया था। यह मुद्दा अब 38 साल के बाद उनको बदनाम करने के लिए उठाया जा रहा है, क्योंकि भूंदड़ को अकाली दल का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
दरबारा सिंह गुरु ने कहा कि अगर वह कोई भी चुनाव लड़ते हैं या किसी प्रमुख पद पर नियुक्त होते हैं, तो उन्हे बदनाम करने के मकसद से यह मामला सामने लाया जाता है। कुछ ताकतें अपने निजी स्वार्थों के लिए अकाली दल को बदनाम करने पर तुली हुई हैं। इस मामले में गहरी साजिश रची गई है, जिसका खुलासा समय आने पर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ये मुद्दा सिर्फ गहरी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।