चंडीगढ़ में प्रदर्शन करते आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता।
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पंजाब सरकार के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को विधानसभा के बाहर विपक्षी दलों आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल ने प्रदर्शन किया। शिअद ने विधानसभा गेट पर पंजाब सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का पुतला फूंका। इस दौरान शिअद नेताओं ने सरकार पर 2017 में चुनाव के दौरान लोगों से किए वादों को पूरा नहीं किए जाने के आरोप लगाए।
शिरोमणि अकाली दल के विधायकों ने विधानसभा के बाहर कैप्टन अमरिंदर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधायकों ने बिक्रम सिंह मजीठिया के नेतृत्व में विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने जाने से पहले गेट पर पंजाब सरकार का पुतला जलाया।
महंगी बिजली के खिलाफ आप विधायकों का पैदल मार्च
पंजाब में लगातार बढ़ रहे बिजली के दामों के खिलाफ बुधवार को आम आदमी पार्टी के विधायक सड़क पर उतरे। आप विधायकों ने एमएलए हॉस्टल से विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला। सदन के बाहर विधायकों ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर झूठे वादे करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि सरकार अब तक 14 बार बिजली के दामों को बढ़ा चुकी है।
पैदल मार्च के दौरान नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा और विधायक अमन अरोड़ा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर ने चुनाव से पहले अपने घोषणा पत्र में कहा था कि अकाली-भाजपा सरकार के दौरान निजी कंपनियों के साथ किए गए बिजली समझौतों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें रद्द कर दिया जाएगा। कैप्टन को सत्ता में आए चार साल हो चुके हैं लेकिन उन्होंने इसके लिए कोई कदम नहीं उठाया है। उन्होंने बिजली की कीमतों पर श्वेत पत्र लाने का वादा भी किया था लेकिन लाना भूल गए।
उन्होंने कहा कि आज पंजाब सरकार की खराब नीतियों के कारण पंजाब के लोग महंगी बिजली खरीद रहे हैं और महंगाई की मार झेल रहे हैं। कैप्टन को अरविंद केजरीवाल से सीखना चाहिए। दिल्ली की सरकार बिजली खरीदकर भी लोगों को मुफ्त में मुहैया करा रही है और कैप्टन सरकार खुद बिजली उत्पादन करके भी लोगों को सबसे महंगी दरों पर बिजली उपलब्ध करा रही है।