हाउसिंग बोर्ड की कालोनियों खाली फ्लैटों में वहां की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों को कार्यालय खोलने की मंजूरी दी जाएगी। इसके लिए एसोसिएशनों से किराया लिया जाएगा।
सेक्टर-63 की आरडब्ल्यूए को खाली यूनिट का फ्लैट किराए पर देने का भी निर्णय लिया गया है। लेकिन बोर्ड का भी यह कहना है कि जब सीएचबी को इस प्रापर्टी की जरूरत होगी, तो फ्लैट खाली करवा लिया जाएगा।
इसके साथ ही सीएचबी ने यह भी निर्णय लिया कि सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट के ठेकेदार को काम के बदले जायज राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। सीएचबी बोर्ड की बैठक में कहा गया है कि अभी सभी दस्तावेज सीबीआई के पास गए हुए हैं।
मालूम हो कि सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट की जांच सीबीआई कर रही है। बोर्ड के अनुसार ठेकेदार की कितनी राशि बनती है इसके लिए तीन से चार सदस्यों की एक कमेटी बनेगी जो कि अपनी रिपोर्ट सीएचबी चेयरमैन को देगी।
रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया है कि ठेकेदारों से मामले निपटाने केलिए जल्द से जल्द आर्बिटेशन की नियुक्ति की जाए। इसे साथ ही सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट में जिन धारको का बकाया रह गया उन्हें किस्तो में राशि का भुगतान करने की सुविधा दी जाएगी।