हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग में हेडमास्टर, मिडिल हेडमास्टर के पदों पर शिक्षकों की पदोन्नति में नियमों को तिलांजलि दी जा रही है। प्रमोशन पाकर टीजीटी से पीजीटी बन चुके शिक्षकों को रिवर्ट कर टीजीटी की वरिष्ठता के आधार पर हेडमास्टर बनाया जा रहा है। बड़े पैमाने पर एक साथ पदोन्नति न कर पांच, सात-सात केस निकाले जा रहे हैं, जिससे अब तक सौ से ऊपर टीजीटी को हेडमास्टर के पद पर पदोन्नति मिल चुकी है। पदोन्नति के कुछ मामले तो ऐसे भी सामने आए हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं।
कुछ सीएंडवी पदोन्नत होकर पीजीटी बने थे, उन्हें भी रिवर्ट कर हेडमास्टर बना दिया गया है। उन्हें सीएंडवी के बजाए टीजीटी रिवर्ट किया गया है, जबकि वे उस कैडर में थे ही नहीं। जब कैडर सीएंडवी था तो उन्हें टीजीटी कैडर में रिवर्ट किया ही नहीं जा सकता। इसके अलावा मिडिल हेडमास्टर के पद पर संस्कृत शिक्षकों की पदोन्नति में भी बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है। संस्कृत शिक्षकों का मिडिल हेड के पद पर पदोन्नत होने का कोटा सात प्रतिशत है, जिसके तहत कुल 388 पद उनके बनते हैं।
लेकिन, स्कूल शिक्षा विभाग इन पदों से कहीं ज्यादा संस्कृत शिक्षकों को मिडिल हेड बना चुका है। जबकि, नियमानुसार स्वीकृत पदों से अधिक प्रमोशन हो ही नहीं सकती। अभी विभाग ने संस्कृत शिक्षकों को मिडिल हेड के पद पर प्रमोट करने के लिए और केस मांगे हुए हैं। हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन ने इस गड़बड़झाले से स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव महावीर सिंह को बुधवार को अवगत कराया है। साथ ही उचित कार्रवाई की मांग की है। प्रधान सचिव ने जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिया है।