यमुनानगर में भाजपा के कार्यक्रम के दौरान हंगामा।
- फोटो : अमर उजाला
कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर किसानों ने विरोध-प्रदर्शन तेज कर दिया है। मांग नहीं माने जाने तक किसानों ने सोमवार से हरियाणा के सभी टोल फ्री करा दिए। भाकियू नेताओं ने कहा कि प्रदेश में भाजपा के हर कार्यक्रम का विरोध करेंगे। इसी के तहत यमुनानगर में चल रहे भाजपा के प्रशिक्षण शिविर में सोमवार को किसानों ने जमकर हंगामा किया।
किसानों ने बैरिकेड तोड़ दिए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों के आक्रोश को देखते हुए यमुनानगर विधायक घनश्याम अरोड़ा और जिलाध्यक्ष राजेश सपरा को पिछले गेट से निकलना पड़ा। इस दौरान कुछ देर प्रशिक्षण शिविर रोकना पड़ा। फतेहाबाद में भी किसानों ने भाजपा विधायक लक्ष्मण नापा के कार्यालय का घेराव किया। इसके बाद विधायक के कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए और इस्तीफा देने की मांग की।
धरने से करीब दो घंटे के बाद विधायक अपने कार्यालय से बाहर आए और किसानों का मांग पत्र लिया। किसानों द्वारा इस्तीफा देने की बात कहने पर उन्होंने हाथ जोड़ लिए। दूसरी ओर सोनीपत, करनाल, पानीपत, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और अंबाला में सोमवार को लगातार चौथे दिन भी किसानों ने टोल फ्री रखे।
सभी टोल पर आंदोलन के संचालन के लिए अलग-अलग कमेटियों का गठन किया गया। किसानों ने खून से हस्ताक्षर करने का अभियान भी शुरू कर दिया है। वक्ताओं ने नए कृषि कानून वापस होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया। इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला किसानों के बीच पहुंचे और उन्हें अपना समर्थन दिया। इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने पीएम को पत्र लिख कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष व पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी एलान कर दिया है कि वे वचन और कर्म से किसानों के साथ हैं।