विधानसभा ने दी मंजूरी, मनोहर सरकार के कार्यकाल में खर्च हुए थे 21 करोड़
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री व मंत्रियों के आवास और कार्यालयों की मरम्मत पर हरियाणा सरकार 15 करोड़ रुपये खर्च करेगी। हाल ही में विधानसभा ने राज्य सरकार के 8815.39 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट की पहली किस्त को मंजूरी दी है। यह खर्च राज्य के 20 विभागों के कार्यों और अन्य कार्यों पर खर्च होना है। इसी के तहत 15 करोड़ मंत्रियों के आवास पर खर्च किए जाएंगे। इससे पहले मनोहर सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्रियों के आवास पर 21 करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
सैनी सरकार के दूसरे कार्यकाल में 13 मंत्रियों को आवास व कार्यालय आवंटित किए गए हैं। इनमें ऊर्जा मंत्री अनिल विज शामिल नहीं हैं। उन्होंने इस बार भी चंडीगढ़ में आवास नहीं लिया है। आवास आवंटित होने के बाद कई मंत्री अपने आवास और कार्यालय में मररमत करवाना चाहते हैं। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने करीब 15 करोड़ का बजट तैयार किया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। हालांकि इन आवासों की समय-समय पर मरम्मत होती रही है। मनोहर सरकार के दूसरे कार्यकाल में इन आवासों पर पांच सालों में करीब 21 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। 2023-24 के वित्त वर्ष में पिछले साल ही कुछ मंत्रियों की कोठी में करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
102 सरकारी आवास पर खर्च किए जा चुके हैं 42.54 करोड़
हरियाणा सरकार नवंबर 2019 से लेकर 2023 तक 102 नेताओं, चेयरमैन, बोर्ड के अध्यक्ष व अधिकारियों के आवास पर 42.54 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। दुष्यंत चौटाला जो मनोहर सरकार के दूसरे कार्यकाल में उपमुख्यमंत्री थे, अकेले उनके आवास पर 3.52 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। पूर्व बिजली मंत्री रणजीत सिंह के आवास पर 2.77 करोड़, पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह के आवास पर 2.50 करोड़, पूर्व मंत्री ओपी यादव के आवास पर 1.61 करोड़ रुपये और पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता के आवास पर 1.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।