जांच आगे बढ़ने पर कांग्रेस की ग्रामीण इकाई के पूर्व जिला अध्यक्ष जयदीप धनखड़ को भी आरोपी बनाया गया था। इतना ही नहीं, पुलिस ने मामले में कई लोगों से पूछताछ की। साथ ही 2016 से 2019 तक मामले की जांच पड़ताल चली। जांच के बाद पुलिस ने तीन साल बाद एडीजे रितु वाईके बहल की अदालत में करीब 500 पेज की चार्जशीट दाखिल की, लेकिन अदालत ने 6 दिसंबर 2019 को दोनों पक्षों की बहस के बाद प्रोफेसर विरेंद्र सिंह, मान सिंह दलाल व जयदीप धनखड़ के खिलाफ दाखिल पुलिस की चार्जशीट को रद्द कर दिया।
साफ किया कि चार्जशीट के अंदर आरोपियों के खिलाफ केस चलाने लायक सबूत नहीं हैं। अदालत के फैसले के बाद पुलिस की तीन साल जांच चलने के बाद भी आरोपियों को क्लीन चिट मिलने पर पुलिस पर सवाल उठने लगे थे। अब पुलिस ने मामले में हाईकोर्ट में अपील करने का निर्णय लिया है। इसके लिए पुलिस ने जिला प्रशासन के माध्यम से चंडीगढ़ फाइल भेजी गई। फाइल के अध्ययन के बाद मंगलवार को हाईकोर्ट में स्थानीय अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई ।
अदालत के फैसले को लेकर जिला न्यायवादी की रिपोर्ट मिल चुकी है। रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद रोहतक पुलिस ने जिला प्रशासन के माध्यम से चंडीगढ़ फाइल भेजी थी। मंगलवार को रोहतक पुलिस की तरफ से हाईकोर्ट में प्रो. विरेंद्र, मान सिंह दलाल व जयदीप धनखड़ को क्लीन चिट देने के स्थानीय अदालत के फैसले को चुनौती दी गई है। - गोरखपाल राणा, डीएसपी मुख्यालय