वहां व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ी हुई है और फास्टैग लगे वाहनों तक को परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसी का फास्टैग स्कैन नहीं होता है तो किसी को इंटरनेट में खराबी बताकर नकद टोल वाली लाइन में भेज दिया जाता है। जबकि नकद टोल वाली लाइन में पहले से लंबी लाइन रहती है, क्योंकि वहां उनको व्यवस्थित करने के लिए किसी कर्मी को तैनात नहीं किया गया है। जिससे वाहन लाइन तोड़कर आगे घुसते हैं और उससे लंबा जाम लग जाता है। इस तरह बड़ी परेशानी वाहन चालकों को झेलनी पड़ती है।
केजीपी टोल प्लाजा पर 15 लाइन, दो बंद होने से भी परेशानी बढ़ी
कुंडली टोल प्लाजा पर इस समय 15 लाइन है, जिनमें गाजियाबाद से कुंडली की ओर आने के लिए 9 लाइन हैं और कुंडली से गाजियाबाद की ओर जाने के लिए 6 लाइन हैं। इन सभी लाइनों को फास्टैग कर दिया गया है, लेकिन अभी तक इनमें दोनों ओर दो-दो लाइनों को नकद वसूली के लिए रखा गया था।
इसके बावजूद लंबा जाम वाहन चालकों को झेलना पड़ रहा है। जिसका सबसे बड़ा कारण यह है कि कभी भी सभी लाइन सुचारू रूप से नहीं चलती है। इस समय भी दोनों ओर की एक-एक लाइन तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ी हैं। जिससे समस्या बढ़ रही है। वहीं टोल प्लाजा पर बुधवार से दोनों ओर एक-एक लाइन की नकद टैक्स वसूली के लिए रह जाएगी। जिससे समस्या ज्यादा बढ़ती दिख रही है।
90 हजार वाहन रोजाना गुजर रहे, 40 प्रतिशत बिना फास्टैग वाले
कुंडली टोल प्लाजा के अधिकारियों के अनुसार इस समय केजीपी से लगभग 90 हजार वाहन रोजाना गुजर रहे हैं। लेकिन इनमें से 40 प्रतिशत वाहनों पर फास्टैग नहीं लगा है। इस कारण भी परेशानी बढ़ रही है। अधिकारियों के अनुसार एनएचएआई के सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग सिस्टम लागू है, लेकिन उसके बावजूद भी काफी लोग उसे नहीं लगवा रहे है। ऐसे वाहन चालकों के लिए बुधवार से परेशानी ज्यादा बढ़ जाएगी।
टोल प्लाजा पर तकनीकी खराबी के कारण लाइन बंद करनी पड़ती है तो अधिकतर वाहन बिना फास्टैग के होने के कारण भी परेशानी आ रही है। अब केवल एक लाइन नकद टैक्स वसूलने के लिए रह जाएगी, जिसको देखते हुए लग रहा है कि यहां परेशानी बढ़ सकती है। एनएचएआई की ओर से व्यवस्था को बेहतर करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। -अरविंद कुमार, डीजीएम एनएचएआई