रोहतक के गुरुकुल में छात्रों के साथ यौन एवं शारीरिक उत्पीड़न का दिल दहला देने वाला सच परत-दर-परत सामने आ रहा है। मंगलवार को गुरुकुल के 175 में से 150 छात्रों ने बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को लिखित में शिकायत दी है।
इसमें उन्होंने लिखा है कि उन्हें कपड़े उतारकर बेरहमी से पीटा जाता है। पहले छात्रों ने पिटाई के डर से कुछ भी कहने से मना कर दिया था, लेकिन नाम बताए बगैर शिकायत लिखकर देने के भरोसे पर 150 बच्चों ने आपबीती लिखकर बाल कल्याण समिति को दी। अब गुरुकुल स्टाफ को 30 अगस्त को रिकार्ड के साथ समिति के सामने पेश होना है।
बाल कल्याण समिति ने गुरुकुल स्टाफ के नाम जारी किया समन
गुरुकुल में बच्चों के यौन उत्पीड़न मामले में बाल कल्याण समिति ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में सहयोग नहीं कर रहे गुरुकुल प्रशासन, संस्थापक, प्राचार्य, शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों को समिति कार्यालय में आकर अपने बयान दर्ज कराने होंगे।
इसके लिए कमेटी के चेयरमैन ने सभी को समन जारी किया है। यह समन जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत जारी किए गए हैं। इनका पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिन भर रहा गुरुकुल के रिकॉर्ड का इंतजार
समिति को अपनी जांच के लिए गुरुकुल के रिकॉर्ड की जरूरत है। गुरुकुल प्रशासन कभी कर्मचारी के छुट्टी पर होने तो कभी अलमारी पर ताला लगा होने का बहाना बनाता रहा।
समिति के ताला तोड़ देने की बात पर गुरुकुल प्रशासन ने इनकार कर दिया। मंगलवार देर शाम तक भी समिति को गुरुकुल का रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके लिए वे दिन भर इंतजार करते रहे।
पांच आरोपी पहुंचे बाल सुधार गृह, दो अन्य भी गिरफ्तार
पुलिस ने बच्चों के यौन उत्पीड़न मामले में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को हिसार के बाल सुधार गृह भेज दिया। मंगलवार दोपहर बाद दो अन्य आरोपी बच्चों को भी पकड़ लिया गया। इन्हें जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। इन बच्चों की जमानत पर 30 अगस्त को सुनवाई होगी।
एक सामूहिक और एक अलग वकील लड़ेगा पीड़ितों का केस
समिति यौन उत्पीड़न के शिकार बच्चों को नि:शुल्क कानूनी सहायता मुहैया कराएगी। इसी कड़ी में इन्हें एक सामूहिक वकील दिया जाएगा। इसके अलावा सभी छह बच्चों के लिए एक-एक अलग वकील भी रहेगा।
ये सभी बच्चों के केस की पैरवी करेंगे। इसके लिए अभिभावकों को शहर के नामी व काबिल वकीलों की सूची दी जाएगी। इनमें से वे अपनी पसंद का वकील चुन सकेंगे।
--वर्जन
कमेटी बच्चों के यौन उत्पीड़न मामले की जांच कर रही है। बच्चों ने बगैर नाम पते की 150 शिकायतें दी हैं। इनकी पड़ताल की जा रही है। शिकायतों में बच्चों ने यौन शोषण के साथ ही कपड़े उतारकर पिटाई करने को आम बात बताया है।
कमेटी को बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। गुरुकुल के स्टाफ को समन जारी किया गया है। इन्हें समिति के पास आकर अपने बयान दर्ज कराने होंगे। गुरुकुल का रिकॉर्ड भी देना होगा।
- डॉ. राज सिंह सांगवान, चेयरमैन, सीडब्ल्यूसी