हरियाणा सहित अन्य राज्यों में रोडवेज की बसों में सफर करने वाले यात्री मंगलवार को घर से दफ्तर जाने के लिए जल्दी निकलें। रोजमर्रा के कामों के लिए रोडवेज का सहारा लेने वाले यात्रियों को अगले 24 घंटे इसकी सुविधा नहीं मिलेगी। चूंकि, हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों की आठ यूनियनें सोमवार रात बारह बजे के बाद मंगलवार रात बारह बजे तक हड़ताल पर जा रही हैं।
इस दौरान रोडवेज की चार हजार से अधिक बसों का चक्का जाम रहेगा। रोडवेज की अन्य पांच यूनियनों ने भी हड़ताल को नैतिक समर्थन दे दिया है। हालांकि, इन यूनियनों के जुड़े कर्मचारी चक्का जाम में शामिल नहीं होंगे। वे दफ्तर में हाजिरी लगाने के बाद डिपो में ही मौजूद रहेंगे। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति यह चक्का जाम केंद्रीय फेडरेशनों के आह्वान पर मोटर व्हीकल संशोधन एक्ट-2017 के विरोध में करने जा रही है।
सरकार भी नजर रखे हुए है
रोडवेज चक्का जाम
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समिति संशोधन एक्ट को रद कराने के साथ ही हरियाणा के कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे भी चक्का जाम के दौरान उठाएगी। इसमें किलोमीटर स्कीम के तहत सात सौ बसों को ठेके पर लेने का मुद्दा भी प्रमुख है। इसके अलावा कर्मचारियों की आधा दर्जन और भी मांगें हैं। साथ ही कर्मचारी यूनियनें पूर्व में सरकार के साथ हुए समझौतों को भी जल्दी लागू करने की मांग उठाएंगी। रोडवेज यूनियनों के चक्का जाम पर सरकार भी पूरी तरह से नजर रखे हुए हैं।
सरकार की कोशिश अनेक डिपो में बसें चलाने की है। जो पांच यूनियनें चक्का जाम में शामिल नहीं हो रही हैं, परिवहन विभाग के अधिकारी उनसे बसें चलवाने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा सरकार ने जिलों में पुलिस और प्रशासन को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही डिपुओं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रहेगी। सरकार किसी भी सूरत में कर्मचारियों के साथ टकराव नहीं चाहती।
निजी बस आपरेटरों से भी संपर्क साधा गया है और उन्हें सभी रूट पर सुचारू रूप से बसें चलाने के निर्देश परिवहन विभाग के अधिकारियों ने दिए हैं। बता दें कि चौबीस घंटे की हड़ताल से रोडवेज को लगभग चार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। वहीं आठ राज्यों में रोडवेज की सेवाएं बाधित रहेंगी।
संयुक्त संघर्ष समिति के नेता इंद्र सिंह बधाना व सरबत सिंह पूनिया ने कहा कि सोमवार रात जो बसें रूट पर रवाना होंगी, उन्हें गंतव्य स्थल पर पहुंचने के बाद रोक दिया जाएगा। जबकि डिपो में खड़ी बसें रूट पर नहीं चलेंगी। केंद्र व प्रदेश सरकार की हठधर्मिता के चलते रोडवेज कर्मियों को चक्का जाम करना पड़ रहा है।