दो साल में ट्राइसिटी के हर घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सप्लाई शुरू हो जाएगी। चंडीगढ़ के 6500 घरों में पीएनजी की सप्लाई शुरू हो चुकी है। इससे महंगी एलपीजी से राहत के साथ सिलिंडर देरी से आने और सुरक्षा की टेंशन भी खत्म हो जाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब एक सौ करोड़ से अधिक का खर्च आएगा। इसका खाका तैयार कर लिया गया है। इस प्रोजेक्ट पर इंडियन ऑयल-अडानी गैस कंपनी संयुक्त रूप से काम कर रही है।
ट्राइसिटी में सबसे पहले चंडीगढ़ में प्रोजेक्ट का काम तेजी से चल रहा है। शहर के सभी सेक्टरों में पीएनजी उपलब्ध कराने में लगी इंडियन ऑयल-अडानी गैस कंपनी ने पहले सप्लाई के लिए बेसिक नेटवर्क तैयार कर लिया है, लेकिन शहर भर में सप्लाई पहुंचाने में अभी एक साल से अधिक का समय लगेगा। इसके बाद पंचकूला और मोहाली में पीएनजी पाइप लाइन डालने का काम किया जाएगा। कंपनी ने सर्वे का काम फाइनल कर लिया है। दो साल में चंडीगढ़ सहित मोहाली और पंचकूला में पीएनजी की सप्लाई की समय सीमा तय की गई है।
सांकेतिक तस्वीर
अभी चार सेक्टरों में हो रही सप्लाई
सिटी में पीएनजी लाइन पहुंचाने के लिए कंपनी ने पहले इंडस्ट्रियल एरिया के निकट के इलाकों को चुना। सेक्टर 48, 49, 50 और 51 में कंपनी ने सर्वे कराने के बाद तेजी से काम कराया। अब इन पांच सेक्टरों में पीएनजी की सप्लाई मिल रही है। करीब 6500 लोगों ने अब तक कनेक्शन ले लिया है। कनेक्शन लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उक्त चार सेक्टरों में पचास फीसदी से अधिक लोग पीएनजी उपयोग कर रहे हैं। शुरूआती दौर में अच्छा रिस्पांस मिलने से कंपनी के अधिकारी भी जल्द शहर के सभी क्षेत्रों में लाइन डालने के प्रयास में हैं।
कनेक्शन लेने में इतना खर्च
पीएनजी कनेक्शन में 5 हजार 618 रुपये का खर्च आएगा। इसमें से पूरी राशि रिफंडेबल है। 5 हजार 618 में पांच हजार सिक्योरिटी और 618 रुपये उपभोग शुल्क है। इसमें रजिस्ट्रेशन खर्च शामिल है। इसके अलावा कोई भी समस्या होने पर तत्काल तकनीकी गड़बड़ी को दूर करने के लिए कर्मचारी मौजूद रहेंगे। इसका चार्ज उपभोक्ता को नहीं देना होगा। रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए 9888619888 पर जानकारी ली जा सकती है।
इन सेक्टरों में चल रहा काम
पीएनजी में कभी भी गैस खत्म होने की परेशानी नहीं आएगी। शुरूआती दौर में चार सेक्टर में पीएनजी की सप्लाई शुरू हो जाने के बाद अब सिटी के 44, 45, 46 और 47 सेक्टर में लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। 44 और 45 में लाइन डालने का काम तो लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही यहां सप्लाई शुरू हो जाएगी।
करीब 20 फीसदी का आएगा अंतर
एलपीजी की अपेक्षा पीएनजी सस्ती दरों पर मिल रही है। पीएनजी की बात करें तो इस समय सिटी में यह लगभग 26 रुपये प्रति यूनिट की दर से दी जा रही है। विभाग की मानें तो पीएनजी सिलिंडर से करीब 20 फीसदी सस्ती पड़ती है। बड़ी बात यह कि इसमें खतरा भी कम है।
हवा से हल्की होने के चलते खतरा होता है कम
एलपीजी की अपेक्षा पीएनजी के लीकेज होने से अधिक समस्या नहीं होती है। एलपीजी ब्यूटेन गैस से बनी होती है, जिसके कारण यह हवा से भारी होती है, जबकि पीएनजी मिथेन गैस से बनी होती है। मिथेन हवा से हल्की होती है। इस वजह से पीएनजी लीकेज होने पर हवा के साथ ऊपर उड़ जाती है। इससे अधिक खतरा होने की संभावना नहीं रहती है, जबकि एलपीजी हवा से भारी होने के चलते ब्लास्ट हो जाती है। इसलिए हमेशा सिलिंडर से खतरा बना रहता है।
सांकेतिक तस्वीर
प्रतिमाह डीजल पर खर्च हो रहे 10 करोड़
आंकड़ों पर गौर करें तो केवल चंडीगढ़ में ही सिलिंडर बांटने वाले वाहनों में प्रतिमाह 10 करोड़ से अधिक का डीजल उड़ जाता है। ऐसे में ट्राइसिटी में तो यह आंकड़ा चौंकाने वाला होगा। पीएनजी की सप्लाई शुरू होने से डीजल की खपत नहीं होगी। इसके अलावा सड़क पर दबाव कम होने के साथ यातायात का प्रवाह बढ़ेगा।
हाईटेक मीटर
पीएनजी के तहत हर घर में एनालॉग मीटर लगेंगे, जोकि काफी हाइटेक हैं। इनसे कोई भी छेड़छाड़ नहीं कर सकता है। इन मीटरों की खास बात यह है कि यह आसानी से खराब नहीं होते हैं।
तंग गलियों में नहीं पहुंचेगी लाइन
शहर में पीएनजी की सप्लाई के लिए कंपनी पाइप लाइनों का जाल बिछा रही है, लेकिन कंपनी से जुडे़ लोगों की मानें तो जो आवासीय फ्लैट रजिस्टर्ड नहीं हैं। उन्हें कनेक्शन नहीं दिया जा सकेगा। इसके अलावा शह में कई तंग गलिया भी हैं। जहां पाइप लाइन डालना संभव नही है। ऐसे में इन जगहों पर पीएनजी की सप्लाई नहीं हो पाएगी।
प्रमुख बिंदु---
बार-बार सिलिंडर बदलने से छुटकारा
जितना प्रयोग उतनी ही देनी होगी कीमत
वाहनों का लोड होगा कम
किचन में नहीं रहेगी टेंशन
यातायात में आएगा प्रवाह
डीजल की होगी भारी बचत
गैस की बचत होगी
क्या कहते हैं सिटीजन
सेक्टर-48 निवासी जेजे सिंह का कहना है कि पीएनजी सप्लाई शुरू होने से अब घरों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। एलपीजी सिलिंडर होने के चलते घर में हमेशा असुरक्षा का डर बना रहता है। अब कोई टेंशन नहीं रहेगी। वहीं, पीके कौशिक का कहना है कि पीएनजी नया अनुभव रहा है। चंडीगढ़ शहर में पीएनजी की सप्लाई होना बड़ी बात है। इससे सिटी और अधिक खूबसूरत बनेगी।
पीएनजी का प्रोजेक्ट ट्राइसिटी में दो साल में पूरा करना है। इसके लिए तेजी से काम कर रहे हैं। चंडीगढ़ के कई सेक्टरों में सप्लाई चालू हो चुकी है। चार सेक्टरों में सप्लाई जल्द ही शुरू कर दी जाएगी। संजीव कुमार शर्मा, मैनेजर, इंडियन ऑयल-अडानी गैस कंपनी